इसके बाद ओपी चौधरी बजट पढ़ना शुरू किया। यह पहली बार हुआ कि वित्त मंत्री पूरे समय बोलते रहे। 1 घंटा 24 मिनट...बिना किसी व्यवधान के...बिना पानी पीए। आमतौर पर वित्त मंत्री का भाषण लंबा होता है। करीब सवा-डेढ़ घंटा तो होता ही है। इसलिए वित्त मंत्री के डायस पर पानी का गिलास रखा होता है। मगर आज डायस पर पानी भी नहीं था। ओपी ने अपना भाषण शुरू किया, बजट के साथ-साथ वे पिछले कांग्रेस सरकार पर तंज और प्रहार भी करते रहे। उन्होंने तुलना भी किया कि पिछली सरकार ने क्या किया और विष्णुदेव की सरकार क्या करने जा रही है। भाषण के दौरान उन्होंने नेशनल मंडेला का अंग्रेजी कोट भी अंग्रेजी में ही पढ़ा। इसके बाद 20 मिनट वे छत्तीसगढ़ी में भी बोले।
वित्त मंत्री युवा हैं इसलिए टेक्नालॉजी को उन्होंने पूरा महत्व दिया। उन्होंने भ्रष्टाचार रोकन और आम लोगों की सुविधाओं के लिए सारे विभागों में टेक्नोलॉजी वृद्धि करने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। ओपी का बजट गांव, किसान और महिलाओं पर केंद्रित रखा। उन्होंने टेक्नालाजी रिफार्म के लिए 266 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह पहली बार है जब टेक्नालाजी के लिए बजट में राशि का इंतजाम किया गया है।
डेवलपमेंट के लिए राशि
पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान लोगों की शिकायत रहती थी कि सरकार सिर्फ किसानों पर फोकस कर रही है, शहरों का विकास ठप्प पड़ गया है। ओपी के बजट में किसान और भूमिहीन मजदूरों पर केंद्रित तो है ही, शहरों पर भी पूरा ध्यान दिया गया है। रोड कनेक्टिविटी के लिए पीडब्लूडी को 8 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। ओपी ने अपने संतुलित और रिफार्म करने वाले बजट में लगभग सभी वर्गो को छूआ है। राज्य बनने के बाद पहली बार बजट में साइंस और टेक्नालाजी की बात की गई है। युवाओं के लिए हास्टल, कालेज। स्वास्थ्य के लिए कई बड़े कदम और अस्पतालों का उन्नयन।
यहां पढ़ें ओपी के बजट में और क्या है...
मोदी की गारंटी पर अमल
1. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख घरों के निर्माण के लिए वर्ष 2024-25 में 8,369 करोड़ रुपये का प्रावधान। वर्ष 2023-24 में द्वितीय अनुपूरक में 3,799 करोड़ रुपये।
2. महिलाओं को पोषित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महतारी वंदन योजना के तहत प्रति वर्ष 12,000 रुपये सहायता का प्रावधान।
3. कृषक उन्नति योजना के तहत 10,000 करोड रुपये का प्रावधान इससे 24.72 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। गत वर्ष की तुलना में 02 लाख 30 हजार अधिक किसान लाभान्वित होंगे।
4. ग्रामीण घरों को नल से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 4,500 करोड़ रुपये का प्रावधान।
5. तेंदूपत्ता संग्राहकों को गत वर्ष 4000 रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा भुगतान
6. दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को गत वर्ष के 7000 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 10000 रुपये वार्षिक भुगतान के लिए 500 करोड़ का प्रावधान।
7. रामलला दर्शन योजना के लिए 35 करोड़ का प्रावधान।
8. युवा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के क्रियान्वयन का प्रावधान।
9. राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के विकास हेतु विस्तृत योजना बनाने का प्रावधान ।
10. इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ के आयोजन के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान।
11. राज्य के 5 शक्तिपीठों के विकास की विस्तृत योजना बनाने हेतु 5 करोड रुपये का प्रावधान।
आईटी आधारित सुधार पर फोकस
1. प्रशासनिक कार्यों को मजबूत करने और सभी स्तरों पर पारदर्शिता लाने के लिए सभी प्रशासनिक विभागों के लिए राज्य मुख्यालय से ग्राम पंचायत स्तर तक उन्नत डिजिटल तकनीकों और आईटी इनेबल्ड सेवाओं (आईटीईएस) पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 266 करोड़ रुपये का प्रावधान,
2. भारत नेट परियोजना के लिए 66 करोड़ रुपये का प्रावधान.
3. पीएम वाणी प्रोजेक्ट के लिए 37 करोड़ रुपये का प्रावधान,
4. एकीकृत ई-प्रोक्योरमेंट परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान.
5. अटल डैशबोर्ड के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान
6. जीएसटी विभाग द्वारा बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट का विकास, स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग द्वारा एनजीडीआरएस सॉफ्टवेयर, आबकारी विभाग द्वारा सॉफ्टवेयर, खनन विभाग द्वारा खनिज ऑनलाइन 2.0. जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य जल सूचना केंद्र, वित्त विभाग द्वारा आईएफएमआईएस 2.0 का विकास
विकेंद्रीकृत विकास प्रक्रिया
1. विश्व स्तरीय आईटी क्षेत्र, विवाह, शिक्षा और स्वास्थ्य डेस्टीनेशन के लिए रायपुर-भिलाई क्षेत्र के आसपास राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) का विकास ।
2. नवा रायपुर में लाईवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना
3. भिलाई में उद्यमिता केंद्र की स्थापना
4. राज्य में स्टार्ट अप संस्कृति और अन्य आईटी सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट अप इन्क्यूबेशन सेंटर और आईटी पार्क बनाया जाएगा।
5. नवा रायपुर में आईटी उद्योग के विकास और आईटी रोजगार सृजन के लिए "प्लग एंड प्ले मॉडल'।
6. रायपुर, नया रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा और रायगढ़ आदि शहरों को "ग्रोथ इंजन' के रूप में विकसित करने पर फोकस ।
7. कोरबा, जांजगीर, रायगढ़, उरला, सिलतरा आदि जैसे समृद्ध उद्योग क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए उद्योग नीति का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
8. कृषि एवं ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा।
प्रमुख योजनाएं
1. छोटे और मध्यम किसानों को आर्थिक रूप से सुदृढ करने एवं आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए 'कृषक उन्नति योजना' के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान.
2. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 8,369 करोड़ रुपये का प्रावधान
3. जल जीवन मिशन के लिए 4,500 करोड रुपये का प्रावधान.
4. हायर सेकेंडरी स्कूल के विकास और रखरखाव के लिए 3.952 करोड़ रुपये का प्रावधान,
5. 05 एचपी तक कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान.
6. मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के लिए 3,400 करोड़ रुपये का प्रावधान.
7. राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महतारी वंदन योजना अंतर्गत 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान.
8. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 841 करोड़ रुपये का प्रावधान.
9. अमृत मिशन योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान.
10. केन्द्र प्रवर्तित योजना "प्रधानमंत्री जनमन योजना" में 300 करोड़ रुपये का प्रावधान.
11. श्री राम लला दर्शन (अयोध्या धाम) के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान.
12. भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को सुदृढ़ करने के लिए राज्य में छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन योजना लागू की जाएगी।
13. छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीमाईटी) और छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स) क्रमशः प्रत्येक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और संभाग में स्थापित किए जाएंगे।
14. रायपुर-भिलाई के आसपास राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) विकसित किया जाएगा।
15. छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ स्मार्ट गवर्नेस का गठन
16. छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन
17. बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में इको-पर्यटन और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र विकसित किए जाएंगे।
18. नए उद्योगों को नीति में शामिल करने के लिए नई उद्योग नीति तैयार की जाएगी।
19. ई-वाहनों को प्रोत्साहन, कुसुम योजना को अपनाने आदि के अलावा कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए जलवायु कार्य योजना तैयार की जाएगी।
20. राज्य की खेल सुविधाओं और अधोसंरचना विकसित करने को प्राथमिकता दी जाएगी।











