आचार संहिता का डर या टिकट न मिलने का गम

आचार संहिता का डर या टिकट न मिलने का गम
नवरात्र में पूरे शहर में कई जगह चुनरी यात्राएं निकाली जा रही हैं। शहर में निकलने वाली चुनरी यात्राओं से ज्यादा चर्चा इस बार नहीं निकल रही एक यात्रा की हो रही है। भाजपा के पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता पिछले 13 वर्ष से बड़ा गणपति से बिजासन माता मंदिर तक चुनरी यात्रा निकालते थे। इस यात्रा में भाजपा के शीर्ष स्तर के कई नेता शामिल होते थे। इस बार भी 22 अक्टूबर को यात्रा निकालने की तैयारी हो चुकी थी, पर ऐन मौके यात्रा को निरस्त कर दिया गया। आयोजक भले ही आचार संहिता को यात्रा नहीं निकालने का कारण बता रहे हो पर वास्तविकता में इसे सुदर्शन गुप्ता को एक नंबर विधानसभा क्षेत्र से टिकट नहीं मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है। पूरे क्षेत्र में चर्चा है कि आचार संहिता में और यात्राएं तो निकल रही है, ऐसे में नेताजी को यात्रा निकालने में क्या परेशानी थी।

खुदे पड़े हैं बाजार, लोग परेशान
नवरात्र के साथ ही त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है। लोग बाजारों में खरीदारी करते देखे जा रहे हैं। इंदौर का मध्य क्षेत्र बाजारों का इलाका है। यहां पर यातायात की समस्या हमेशा बनी रहती है। त्योहारों के बीच मध्य क्षेत्र के इलाकों की हालत बदतर है। यहां ड्रेनेज लाइन के नाम पर जगह-जगह सडकें खोदी जा रही हैं। पिछले दिनों भारत-पाक मैच की जीत के जश्न के दौरान ही राजवाड़ा पर महालक्ष्मी मंदिर के सामने खोदाई कार्य शुरू कर दिया था। जिसका स्थानीय रहवासियों ने विरोध भी किया था। अन्य बाजारों में कई जगह यहीं हाल है। प्रिंस यशवंत रोड़ पूरा खुदा पड़ा है तो पंढरीनाथ मंदिर से लेकर जवाहर मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर भी ड्रेनेज लाइन का काम चल रही है। स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में विकास कार्य होना अच्छी बात है, पर इससे लोगों को परेशानी न हो इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

सबके प्रयास से ही इंदौर बनेगा नंबर वन
देश में छह बार स्वच्छता में नंबर एक रहने के बाद अब सातवीं बार भी इंदौर दौड़ में है। स्वच्छता के साथ ही अब इंदौर को मतदान में भी नंबर वन बनाने की तैयारी चल रही है। पिछले नगर निगम चुनावों में इंदौर का मतदान प्रतिशन अन्य छोटे शहरों की तुलना में कम रहा था। आम धारणा है कि शहरों में लोग मतदान को एक छुट्टी तरह लेते हैं और पिकनिक पर निकल जाते हैं। इस बार इंदौर में अभी मतदाताओं को जागरूक करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। इसे लेकर सामाजिक संस्थाएं भी आगे आ रही है। अभ्यास मंडल ने भी इस विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया है। हर क्षेत्र में इंदौर शहर अव्वल स्थान पर रहता है। ऐसे में अब विधानसभा चुनाव के मतदान में भी शहर को पहले स्थान पर लाने के लिए प्रशासन के साथ ही आम लोगों का कर्तव्य है कि वे मतदान में भी इंदौर को पूरे प्रदेश में नंबर वन पर लाएं। 

टिकट के दावेदार और जिला संभालने वाले संभालेंगे एक बूथ की जिम्मेदारी
इंदौर में कांग्रेस ने अपने सभी उम्मीदवार घोषित कर दिए है। उम्मीदवारों ने अपने कार्यालयों के शुभारंभ के साथ ही कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देना भी तय कर दिया है। राऊ से कांग्रेस उम्मीदवार जीतू पटवारी ने अपने कार्यालय के उद्घाटन में कई बड़े नेताओं के साथ ही अच्छा मजमा एकत्र किया था। यहां पर सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के जिलाअध्यक्ष सदाशिव यादव को दी गई जिम्मेदारी को लेकर हो रही थी। सदाशिव महू सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। हालांकि उन्हें टिकट तो नहीं मिला पर राऊ विधानसभा के एक बूथ की जिम्मेदारी जरूर मिल गई है। पटवारी के कार्यक्रम में लोग कह रहे थे कि जिनके कंधों पर पूरे जिले में कांग्रेस को जिताने की जिम्मेदारी है, उन्हें पहले अपना बूथ जीतना होगा। यादव अब अपने बूथ पर ध्यान देंगे या पूरे जिले में दौरे करेंगे।

Advertisement