भोपाल । प्रस्तावित मास्टर प्लान 2031 में बड़े तालाब का कैचमेंट बढ़ाने पर प्रभावित किसानों ने आपत्ति ली है। गुरुवार को एकजुट होकर टीएडंसीपी पहुंचे किसानों ने इसके विरोध में धरना भी दिया। साथ ही इंदौर रोड का विकास मास्टर प्लान 2020 के अनुसार करने का सुझाव दिया।
50 से अधिक किसानों ने जताई आनलाइन आपत्ति
जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत ने बताया कि राजस्व रिकार्ड में तालाब का क्षेत्र 2800 हेक्टर है, जिसे बिना किसी नोटिफिकेशन के 42 प्रतिशत बढ़ाकर 3964 हेक्टर कर दिया गया है। बैरागढ़ से लेकर कोलूखेड़ी तक वार्ड नंबर तीन शहरी सीमा क्षेत्र है, जहां पर कैचमेंट 50 मीटर होना चाहिए। लेकिन नक्शे में इसे ग्रामीण क्षेत्र दर्शाकर अनुचित तरीके से 300 मीटर कर दिया गया है। वहीं निजी भूमियों को तालाब में डाल दिया गया है। इसको लेकर गांव के 50 से अधिक किसानों ने टीएडंसीपी के कार्यालय पहुंचकर आनलाइन आपत्ति दर्ज कराई है।
किसानों का तर्क, अनुमति नहीं देने से बढ़ेगा अवैध निर्माण
किसानों का कहना है कि इंदौर रोड का विकास मास्टर प्लान प्रारूप 2020 के अनुसार रखा जाए और तालाब के आसपास की भूमि पर व्यावसायिक एवं आवासीय परमिशन दी जाए। जिससे विकास कार्य हों और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा ना मिले। किसानों का कहना है कि इंदौर रोड के किनारे तालाब का कैचमेंट बैरागढ़ से लगा हुआ है, जहां पर बहुत आबादी घनत्व है। यदि यहां विकास की अनुमति नहीं मिलती, तो अवैध निर्माण बढ़ने की आशंका है।











