पशुपालन योजना का लाभ लेने कार्यालयों के चक्कर लगा रहे किसान

पशुपालन योजना का लाभ लेने कार्यालयों के चक्कर लगा रहे किसान
भोपाल । नजीराबाद क्षेत्र के किसान पशुपालन योजना के तहत लोन लेने के लिए बैंकों और शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है इससे परेशान किसानों ने कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराई है। इस पर भी अभी किसी तरह का कोई हल नहीं निकल सका है। किसानों ने र्बैंक अधिकारियों पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। हालांकि प्रशासन मामले की जांच करने की बात कह रहा है।

जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायत रमाहा के रहने वाले हेम सिंह गुर्जर, काशी राम सहित लगभग 10 किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उन्होंने नजीराबाद की बैंक आफ इंडिया में सरकार की गोसंवर्धन योजना के तहत लोन लेने के लिए आवेदन किया था, ताकि हम लोन मिलते ही पशुपालन शुरू कर दूध का कारोबार शुरू कर सकें। सभी तरह की कागजी प्रक्रिया पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा पूरी करा दी गई है, लेकिन अब बैंक प्रबंधन द्वारा हमारा लोन स्वीकृत नहीं किया जा रहा है। जबकि हम पर किसी तरह का कोई बकाया भी मौजूद नहीं है। बैंक प्रबंधन शासन की योजनाओं का लाभ देने में लापरवाही बरत रहे हैं।

कमीशन लेने का लगाया आरोप

किसानों ने बैंक प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि गांव के लगभग 10 किसानों का लोन स्वीकृत कर दिया गया है। इनका लोन इसलिए स्वीकृत किया है क्योंकि इन्होंने बैंक अधिकारियों को लोन के बदले में कमीशन दिया है। हम लोग जब भी बैंक जाते हैं तो बजट नहीं होने सहित अन्य बहाने बनाकर लौटा दिया जाता है। इसी वजह से हमने कलेक्ट्रेट कार्यालय में शिकायत की है।
मिलता है 25 से 60 हजार रुपये तक लोन

किसानों ने बताया कि उक्त योजना के तहत पशुपालन के लिए लगभग 25 से 60 हजार रुपये तक का लोन मिलता है।अभी तक 10 से अधिक लोगों को लोन दे दिया है, मतलब छह लाख से अधिक की राशि आवंटित की गई है। जबकि हम लोगों के लिए लोन राशि नहीं होने की बात कही जा रही है।

इनका कहना है
किसानों द्वारा पशुपालन के लिए आचार्य विद्यासागर गोसंवधर्न योजना के तहत लोन के लिए आवेदन किया है। बैंक ने कुछ किसानों को लोन उपलब्ध करा दिया है। वहीं जो किसान बचे हुए हैं उनको लोन क्यों नहीं दिया जा रहा है, इसकी जांच कराई जा रही है। यदि किसान डिफाल्टर नहीं हुए तो उनको भी लाभ दिलाया

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