पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी के साथ कई मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। सरपंच और जनपद सदस्य को फंसाने युवती को पैसों का लालच दिया गया था। इनकार करने पर उसे ही झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई थी।
अब जानिए पूरा मामला
दरअसल, 24 जून 2026 को युवती ने कसडोल थाने में लिखित शिकायत की थी। उसने आरोप लगाया था कि ग्राम कटगी के सरपंच और बीडीसी ने उसे नौकरी दिलाने के नाम पर उसके साथ गैंगरेप किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की। जांच में यह पता चला कि जिस समय की घटना बताई जा रही थी, उस समय दोनों जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद ही नहीं थे।
इस पर पुलिस को शक हुआ तो युवती से सख्ती से पूछताछ की गई और उसका बयान दर्ज किया गया, तो उसने साफ बता दिया कि उसके साथ गैंगरेप जैसी कोई घटना हुई नहीं हुई। पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह पूरा मामला झूठा है।
उसकी सहेली पूनम, भागवत थवाईत और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर यह योजना बनाई थी। जब युवती ने ऐसा करने से इनकार किया तो उसने उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इससे डर कर उसने सरपंच और बीडीसी के खिलाफ गैंगरेप की झूठी शिकायत की।
युवती के मुताबिक, इन लोगों का मकसद सरपंच और जनपद सदस्य (बीडीसी) को गैंगरेप के झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने का डर दिखाना और उनसे 3 लाख रुपए वसूलना था। इसी प्लानिंग के तहत उसे झांसा देकर शिकायत कराने के लिए तैयार किया गया था।
पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा
पुलिस जांच और मिले सबूतों के आधार पर यह सामने आया कि आरोपियों ने सरपंच और जनपद सदस्य को गंभीर मामले में फंसाकर उनसे पैसे वसूलने की साजिश रची थी। इसके बाद कसडोल थाना में सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद 28 जून 2026 को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
घटना में ये आरोपी हैं शामिल
पुलिस के अनुसार, इस साजिश में कटगी का हिस्ट्रीशीटर भागवत थवाईत (27), दीपक थवाईत (18), शिवा चेलक (19), लवन निवासी विजय शंकर तिवारी (40) और सुकली निवासी पूनम चौहान शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई थार और तीन मोबाइल भी जब्त किए हैं।
पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसी तरह की साजिश से दूसरे लोगों को भी फंसाने की कोशिश की गई थी। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
रेप की शिकायत निकली फर्जी
एसडीओपी कसडोल कौशल किशोर वासनिक ने बताया कि एक युवती ने रेप की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में यह शिकायत झूठी पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि यह शिकायत प्लानिंग के तहत कराई गई थी।











