ऐसी चालाकी तो धोनी भी नहीं करते... कुसल मेंडिस ने कुछ अलग ही कर दिया, सभी रह गए सन्न

ऐसी चालाकी तो धोनी भी नहीं करते... कुसल मेंडिस ने कुछ अलग ही कर दिया, सभी रह गए सन्न
बेंगलुरु: इंग्लैंड को सस्ते में समेटने के बाद बेहतरीन फॉर्म में चल रहे पाथुम निसांका और सदीरा समरविक्रमा की अटूट शतकीय साझेदारी की मदद से श्रीलंका ने गुरुवार को 146 गेंद शेष रहते हुए आठ विकेट से बड़ी जीत दर्ज करके गत चैंपियन को अगर मगर की कठिन डगर पर धकेल दिया। श्रीलंका की यह विश्व कप में इंग्लैंड पर लगातार पांचवीं जीत है। उसने 2003 से अपने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कोई मैच नहीं गंवाया है।

कुसल मेंडिस ने दिखाई गजब की चालाकी

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को उनकी चालाकी के लिए जाना जाता है। धोनी को विकेट के पीछे से मैच बदलने का श्रेय दिया जाता है। लेकिन श्रीलंका के कप्तान और विकेटकीपर कुसल मेंडिस ने कुछ ऐसा कर दिया, जो शायद कभी धोनी ने भी नहीं सोचा होगा। दरअसल इंग्लैंड की पारी का 32वां ओवर चल रहा था। महीश तीक्षाना ने आखिरी गेंद लेग स्टंप के बाहर फेंकी। इस दौरान आदिश रशीद नॉन स्ट्राइकर एंड पर थे।

सभी विकेटकीपर का ध्यान बल्लेबाज को स्टंप करने पर होता है। लेकिन कुसल मेंडिस ने गेंद कलेक्ट करने के बाद सीधा नॉन स्ट्राइकर एंड पर थ्रो मार दिया। गेंद डाले जाने के समय बैकअप के लिए बाहर निकले आदिल रशीद क्रीज में वापस नहीं आ पाए थे। मेंडिस को थ्रो विकेट पर लगा और उन्हें पवेलियन वापस लौटना पड़ा।

मुकाबले में क्या-क्या हुआ

इंग्लैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 33.2 ओवर में 156 रन पर आउट हो गई। श्रीलंका ने 25.4 ओवर में दो विकेट पर 160 रन बनाकर मैच को एक तरफ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। निसांका ने 83 गेंद पर सात चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 77 रन बनाए। समराविक्रमा ने 54 गेंद पर नाबाद 65 रन की पारी खेली जिसमें सात चौके और एक छक्का शामिल है। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 137 रन की अटूट साझेदारी की। श्रीलंका ने पांच मैच में दूसरी जीत दर्ज करके पांचवें स्थान पर पहुंचकर अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा है।
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