आपकी गाढ़ी कमाई को रिस्की एसेट्स में लगा रहा है EPFO! जानिए क्या है प्लान

आपकी गाढ़ी कमाई को रिस्की एसेट्स में लगा रहा है EPFO! जानिए क्या है प्लान
नई दिल्ली: एम्प्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) इक्विटी में अपना निवेश बढ़ाने पर विचार कर रहा है। उसकी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में इनवेस्टमेंट से मिले रिटर्न को फिर से इक्विटी या रिलेटेड इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने की योजना है। सूत्रों ने ईटी को यह जानकारी दी। उनके मुताबिक ईपीएफओ जल्दी ही इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री से क्लीयरेंस लेने के लिए संपर्क करेगा। मार्च के अंतिम हफ्ते में हुई ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में इससे जुड़े एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके मुताबिक ईटीएफ इन्वेस्टमेंट से होने वाली कमाई को फिर से इक्विटी या उससे जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जा सकता है। इससे ईपीएफओ के पोर्टफोलियो में इक्विटी कंपोनेंट की हिस्सेदारी परिमिसिबल लिमिट बढ़ जाएगी।

ईपीएफओ फाइनेंस मिनिस्ट्री द्वारा नोटिफाई किए गए इन्वेस्टमेंट पैटर्न के मुताबिक अपने फंड का निवेश करता है। मौजूदा गाइडलाइन के मुताबिक ईपीएफओ अपने सालाना इंक्रिमेंटल डिपॉजिट का पांच से 15 फीसदी हिस्सा ईटीएफ के जरिए इक्विटी में निवेश कर सकता है जबकि बाकी राशि डेट सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है। ईटीएफ रिडेंप्शन प्रॉसीड को निवेश करने के बारे में कोई गाइडलाइन नहीं है। ईपीएफओ के मुताबिक जनवरी, 2023 तक उसके कुल कॉर्पस में इक्विटी इन्वेस्टमेंट की हिस्सेदारी केवल 10 फीसदी थी जबकि परमिसिबल लिमिट 15 फीसदी है।

कितनी है लिमिट

ईपीएफओ ने 2015-16 में ईटीएफ के जरिए इक्विटीज में निवेश करना शुरू किया था। तब इसकी लिमिट पांच फीसदी थी। 2016-17 में इसे बढ़ाकर 10 फीसदी और फिर 2017-18 में 15 फीसदी कर दिया गया। 31 मार्च, 2022 तक ईपीएफओ का ईटीएफ में कुल निवेश 1,01,712.44 करोड़ रुपये था। यह उसके कुल निवेश 11,00,953.66 करोड़ रुपये का 9.24 फीसदी है। ईपीएफओ समय-समय पर ईटीएफ में अपने निवेश को भुनाता रहता है। इस अमाउंट को इनकम माना जाता है और अब तक केवल इसका 15 फीसदी ही ईटीएफ में निवेश किया जाता है जबकि बाकी अमाउंट डेट इंस्ट्रूमेंट्स में डाली जाती है।
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