फुटबॉल इतिहास के महानतम जादूगर मेसी ने भले ही खुद गोल नहीं दागा, लेकिन अपनी जादुई काबिलियत से गेंद के ऐसे मौके बनाए कि इंग्लिश डिफेंस देखता रह गया। अर्जेंटीना ने यह रोमांचक सेमीफाइनल 2-1 से जीतकर सातवीं बार फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही एक बार फिर इंग्लैंड का 'लंदन ड्रीम्स' टूट गया। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना अब संडे को होने वाले महामुकाबले में खिताब के लिए यूरोपियन चैंपियन स्पेन से भिड़ेगी।
दो हाफ का अंतर
इंग्लैंड ने पहले 30 मिनट तक खेल को कंट्रोल किया और इस दौरान उसने कई बार अर्जेंटीना के गोल पर धावा भी बोला। दूसरे हाफ के पहले 10 मिनट में ही उसने गोल भी दागा और तब तक दोनों टीमों के बॉल पजेशन का आंकड़ा लगभग बराबर था। मेसी ने पहले हाफ में विरोधी खिलाड़ियों को 15 बार गेंद गंवाई जो किसी बड़े टूर्नामेंट में 2018 से उनका सबसे खराब प्रदर्शन है, लेकिन बेहद दबाव के बीच मैच के अंतिम लम्हों में उन्होंने दिखाया कि आखिर क्यों उन्हें महानतम खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है। पहले एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में मेसी के पास को गोल में बदलकर अर्जेंटीना को बराबरी दिलाई जबकि सात मिनट बाद सब्स्टीट्यूट लाउतारो मार्टिनेज (90+2 मिनट) ने कप्ताान के क्रॉस पर हेडर से गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की। इंग्लैंड को इससे पहले 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन ने बढ़त दिलाई थी।अर्जेंटीना बनाम इंग्लैंड
- गोल स्कोरर:
- इंग्लैंड: एंथनी गॉर्डन (55वें मिनट)
- अर्जेंटीना: एंजो फर्नांडीज (85वें मिनट), लाउतारो मार्टिनेज (90+2 मिनट)











