मध्‍य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक यात्राओं का जोर

मध्‍य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक यात्राओं का जोर

 भोपाल। मध्‍य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगे नेता कुछ समय पहले तक अपने-अपने क्षेत्रों में कथा-प्रवचन करवा रहे थे। अब ये मतदाताओं को धार्मिक यात्राएं करवा रहे हैं। नवंबर में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके पहले दावेदार मतदाताओं को धार्मिक यात्रा पर भेज रहे हैं।

कोई बसों से भेजकर उन्हें महाकाल दर्शन और श्री महाकाल महालोक के दर्शन करवा रहा है तो कोई ट्रेन से मतदाताओं को गिरिराज परिक्रमा के लिए भिजवा रहा है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग अपने खर्च पर अब तक एक लाख से ज्यादा लोगों को महाकाल दर्शन करवा चुके हैं तो भोपाल दक्षिण-पश्चिम सीट से विधायक पीसी शर्मा 17 हजार श्रद्धालुओं को महाकाल दर्शन के लिए भेज चुके हैं।

प्रदेश कांग्रेस सचिव मनोज शुक्ला नरेला विधानसभा की 11 हजार महिलाओं को गिरिराज परिक्रमा करवा चुके हैं। उधर, सरकार भी तीर्थ दर्शन योजना में अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धालुओं को भेज रही है।

धार्मिक आयोजनों को भी बनाया माध्‍यम

दरअसल, नेताओं ने मतदाताओं से सीधे संपर्क के लिए अन्य कार्यक्रमों के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों को भी माध्यम बनाया हुआ है। इसमें भाजपा हो या कांग्रेस, किसी भी दल के नेता पीछे नहीं हैं। इंदौर की बात करें तो कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला अपने विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को अयोध्या यात्रा करवा चुके हैं। उन्होंने मथुरा और वाराणसी को भी अपनी यात्राओं में शामिल किया है। सिख समाज के श्रद्धालुओं को अमृतसर यात्रा भी करवा चुके हैं।

आकाश विजयवर्गीय भी सक्रिय

इंदौर क्षेत्र क्रमांक तीन के विधायक आकाश विजयवर्गीय भी अपने क्षेत्र की महिला मतदाताओं को 125 बसों के माध्यम से महाकाल और मां बगलामुखी धाम ले जा चुके हैं। जबलपुर कैंट से भाजपा विधायक अशोक रोहाणी ने करीब 1200 लोगों को महाकाल दर्शन करवाए तो उत्तर-मध्य क्षेत्र से कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना कजलियां पर्व के बाद दमोह के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र बांदकपुर की यात्रा करवाएंगे। वहीं, कुछ और नेता भी अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को धार्मिक यात्रा कराने की योजना बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना

उधर, नेताओं के साथ-साथ सरकार भी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को तीर्थदर्शन करवा रही है। इसमें काशी, जगन्नाथपुरी, अयोध्या, हरिद्वार, शिरडी, अमृतसर, कामाख्या, रामेश्वरम सहित अन्य तीर्थ स्थलों को शामिल किया गया है। एक सितंबर को भिंड, ग्वालियर, दतिया जिले से तीर्थयात्रियों को आंबेडकर दीक्षाभूमि नागपुर ले जाया जाएगा। रतलाम, मंदसौर और नीमच जिले से तीर्थ यात्रियों को पांच सितंबर को जगन्नाथपुरी भेजा जाएगा।

छह सितंबर को बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम के यात्रियों को कामाख्या भेजा जाएगा। आठ सितंबर को रीवा, सीधी, सतना, पन्ना और जबलपुर के तीर्थ यात्रियों को रामेश्वर भेजा जाएगा।

इसी तरह 13 सितंबर को शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना के यात्रियों को काशी (वाराणसी), 14 सितंबर को बैतूल, नर्मदापुरम, उज्जैन के तीर्थ यात्रियों को द्वारका, 16 सितंबर को भोपाल, रायसेन, सीहोर और बैतूल के यात्रियों को रामेश्वर के लिए ट्रेन से रवाना किया जाएगा। 19 सितंबर और दस अक्टूबर को जगन्नाथपुरी, 24 सितंबर और पांच अक्टूबर को द्वारका, 27 सितंबर और दो अक्टूबर को जगन्नाथपुरी, आठ अक्टूबर को रामेश्वरम के लिए लिए भी ट्रेनें विभिन्न स्थानों से रवाना होंगी।




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