बिजली का स्टाफ और वाहन अलग होंगे:गोविंदपुरा में 31 करोड़ से बिजली अपग्रेडेशन

बिजली का स्टाफ और वाहन अलग होंगे:गोविंदपुरा में 31 करोड़ से बिजली अपग्रेडेशन

राजधानी के 60 साल पुराने गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर बदलने की योजना तैयार हो चुकी है। यहां 45 सर्किट किलोमीटर नई बिजली लाइन बिछेगी, 33/11 केवी क्षमता का नया सब स्टेशन बनेगा और 12 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। साथ ही 8 पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी।

इस औद्योगिक क्षेत्र के लिए बिजली कंपनी का समर्पित स्टाफ और 2 वाहन उपलब्ध रहेंगे। इस प्रोजेक्ट पर 31 करोड़ रुपए का खाका तैयार किया गया है। यहां से बिजली कंपनी को हर साल 6 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति होती है। वर्तमान में इस क्षेत्र में 1150 छोटी-बड़ी इंडस्ट्रीज हैं।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश के हर औद्योगिक क्षेत्र के लिए विशेष योजना बनाई गई है। केंद्र सरकार की पावर सेक्टर की रिवैंप्ड रिफॉर्म्स डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम (आरआरडीएस) के अलावा भी इन क्षेत्रों में बिजली के अन्य नए काम किए जाएंगे। कंपनियों को सबसे अधिक राजस्व इन्हीं क्षेत्रों से मिलता है।

5 साल में बढ़ सकती है तीन लाख यूनिट डिमांड

अधिकारियों ने बताया कि अगले 1 साल में ही यहां 50 लाख यूनिट बिजली की डिमांड बढ़ने का अनुमान है। 5 साल में करीब तीन लाख यूनिट डिमांड बढ़ सकती है। इसी को देखते हुए ये नए काम किए जाएंगे। ऐसा होने पर डिमांड की पूर्ति होगी और यह क्षेत्र चमक जाएगा।

अभी यहां ये दिक्कत बरकरार

गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के विजय गौर बताते हैं कि बिजली कंपनी के पास मैदान में अमले की कमी है। इंडस्ट्रियल एरिया के लिए समर्पित स्टाफ नहीं होने से एक इंडस्ट्री को औसतन ₹20,000 महीने तक का नुकसान होता है। कहीं भी फॉल्ट होने पर सुधारने में 1 से 2 घंटे तक का समय लग जाता है। अमले की कमी से मेंटेनेंस सही तरीके से नहीं हो पाता। बिजली सप्लाई बाधित होने पर चेंज ओवर की उचित व्यवस्था नहीं है। यह समस्या ज्यादा बढ़ गई है।

औद्योगिक क्षेत्र में ये नए काम होंगे

  • 33/11 केवी क्षमता के नए सब स्टेशन से चार अलग फीडर निकाले जाएंगे।
  • 33 केवी क्षमता की 30 सर्किट किलोमीटर बिजली लाइन बिछाई जाएगी।
  • 11 केवी क्षमता की 15 सर्किट किलोमीटर बिजली लाइन बिछाई जाएगी।
  • इंडस्ट्रीज की क्षमता के अनुरूप क्षेत्र के 9 सेक्टर में 12 ट्रांसफॉर्मर लगेंगे।
  • 3 कैपेसिटर बैंक लगाए जाएंगे।

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