लैंड फॉर जॉब मामले में आज ED बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से पूछताछ कर रही है। पिता लालू प्रसाद की तरह ही इनसे भी ED की दिल्ली और पटना टीम के अधिकारी पूछताछ करेंगे। सूत्रों के अनुसार करीब 60 से अधिक सवालों की लिस्ट पहले से ED ने तैयार कर रखी है।
इससे पहले सोमवार को ED ने राजद सुप्रीमो लालू यादव से 10 घंटे पूछताछ की। पटना के ED दफ्तर में सुबह 11 बजे से शुरू हुआ सवाल-जवाब का दौर रात 9 बजे जाकर खत्म हुआ। ED सूत्रों के मुताबिक, ED ने आरजेडी सुप्रीमो लालू से 50 से अधिक सवाल किए। उन्होंने ज्यादातर जवाब हां या ना में ही दिया। पूछताछ के दौरान कई बार लालू झल्ला भी गए। लालू ने हर सवाल के जवाब में करीब डेढ़ मिनट का समय लिया।
ED पर झल्लाए लालू, डेढ़ मिनट में दे रहे थे हर सवाल का जवाब
सूत्रों के अनुसार, ED की तरफ से 50 से अधिक सवाल का जवाब देने के दरम्यान लालू प्रसाद कई बार झल्लाए भी थे। इस कारण बीच-बीच में उठकर वो अंदर में कई बार घूमे भी। हालांकि, वो तुरंत नॉर्मल भी हो जाते थे। फिर अपने अंदाज में मुस्कुराहट के साथ हर सवाल का जवाब भी देते थे। सवालों का जवाब देने में लालू औसतन 90 सेकेंड से अधिक का समय ले रहे थे।
लालू के लिए दवाए और खाना लेकर पहुंची मीसा
लालू यादव अपनी बड़ी बेटी मीसा भारती के साथ सुबह 10 बजे ED दफ्तर पहुंचे। इस दौरान दफ्तर के बाहर हजारों की संख्या उनके समर्थक जमा हो गए। पूछताछ के दौरान मीसा ने ऑफिस के सामने मंदिर में पूजा की, लालू के लिए ED ऑफिस में ही खाना पहुंचाया। 2 बार दवा भी पहुंचाई।
शाम को मीसा भारती फिर ED ऑफिस के गेट पर पहुंचीं। उन्होंने CRPF जवानों से कहा कि पापा से मिलने दीजिए, फिर नारेबाजी कर रहे समर्थकों को चुप कराया। कहा- शांत रहिए नहीं तो ये लोग और समय लगाएंगे। इसके बाद मीसा ED दफ्तर की गेट पर दो घंटे लगातार खड़ी रहीं।
इस दौरान मीसा दफ्तर में तैनात सीआरपीएफ के जवानों से गुहार लगाती रहीं कि उन्हें उनके पिता से मिलने दिया जाए। पिता की उम्र हो चुकी है और उनकी तबीयत खराब रहती है।
लालू अंदर जवाब देते रहे, बाहर समर्थक 10 घंटे डटे रहे
लालू से ED की पूछताछ के दौरान उनके समर्थक दफ्तर के बाहर 10 घंटे डटे रहे। समर्थकों ने बीच-बीच में लालू यादव जिंदाबाद के नारे भी लगाए। कई कार्यकर्ता और विधायक दादी मंदिर के सामने कुर्सी लगाकर बैठे नजर आए। इनमें आरजेडी नेता श्याम रजक, आलोक मेहता, जय प्रकाश नारायण यादव समेत कई लोग मौजूद थे।
ED ने लालू से 50 से अधिक सवाल पूछे। सवाल थे-
आपने नौकरी के बदल जमीन कैसे ली?
ED की दायर चार्जशीट में नामजद अभियुक्त और इस मामले में लालू के खिलाफ बयान देने वाले ह्रदय नारायण चौधरी से आप की मुलाकात कब हुई?
मुलाकात उनसे कहां की और कैसे जमीन लिखवाई? फिर जमीन को खोखा कंपनी के नाम पर कैसे ट्रांसफर कराया?
जमीन के बदले नौकरी की इस डील में किन बिचौलियों की क्या भूमिका रही?
नौकरी पहले दी गई या जमीन को पहले ट्रांसफर करवाया गया था?
इस घोटाले में सहयोगी रहे लोगों को नौकरी पुरस्कार में मिला या उन्हें पैसे दिए गए? उस दौरान जमीन का बाजार मूल्य क्या था?
किस तरह तेजस्वी यादव..मीसा भारती..हेमा यादव समेत अन्य सदस्यों के नाम जमीन को अप्रत्यक्ष रूप से ट्रांसफर किया गया?
रेलमंत्री रहने के दौरान नौकरी के बदले जमीन देने में कौन-कौन सहयोगी रहे? क्या किसी से पैसे लेकर भी नौकरी दी गई है?
मौके पर ED ने अमित कात्याल के मेसर्स एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड, एबी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और कुछ अन्य कंपनियों से जुड़े सवाल भी पूछे।
उनसे यह भी पूछा गया कि अमित कात्याल ने उनके बारे में जो भी जानकारी दी है वह कितना सही है?
आपके ब्लैकमनी के निवेश से जुड़ी कई बातें भी अमित ने बताई है..इसमें कहां तक सच्चाई है?
ईडी ने जारी की प्रेस रिलीज
ईडी ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि लैंड फॉर जॉब केस में आरोपी ह्दय नारायण चौधरी,जो पुलिस कस्टडी में है। वो राबड़ी देवी की गौशाला में काम करता था। उसने रेल में जॉब पाने वाले एक उम्मीदवार की संपत्ति ली और बाद में उसे लालू यादव की बेटी हेमा यादव के नाम पर ट्रांसफर कर दी।
लालू की बेटी रोहिणी ने दी धमकी
लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने धमकी देते हुए एक्स पर लिखा- अगर मेरे पापा को खरोच आया तो मेरे से बुरा कोई नहीं होगा (मार्क माय वर्ड्स)। इससे पहले रोहिणी ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए पोस्ट किया- सब को पता है पापा की हालात ,बिना सहारे चल नहीं सकते फिर भी बिना उनके सहायक के गेट के अंदर घुसा लिया..रिक्वेस्ट करने के बाद भी नहीं जाने दिया मीसा दी या उनके एक सहायक को.. प्लीज आप लोग मेरी मदद करे..।
बता दें, लैंड फॉर जॉब्स मामले
में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, मीसा भारती सहित राबड़ी देवी को भी आरोपी बनाया गया है। तेजस्वी यादव से पहले भी इस मामले में पूछताछ हो चुकी है। 11 अप्रैल 2023 को पूछताछ हुई थी। लालू परिवार के करीबियों के दो दर्जन ठिकानों पर छापेमारी भी हो चुकी है।
मामला 2004 से लेकर 2009 के बीच का
पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए 2004 से लेकर 2009 के बीच रेलवे में नौकरी के बदले जमीनें ली थी। इस आरोप पर सीबीआई ने लालू प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज किया था। चार्जशीट दाखिल भी किया गया। सीबीआई का आरोप है कि नियुक्ति के लिए कोई सार्वजनिक नोटिस जारी नहीं किया गया था। नियम की अनदेखी करते हुए पटना के कुछ लोगों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में स्थित विभिन्न जोनल रेलवे में नौकरी दी गई थी।











