भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कंपनी रजिस्ट्रार की शिकायत पर पीपुल्स समूह भोपाल और इसके अंतर्गत आने वाली संस्थाओं के मामले में कई स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई की। इसमें आठ लाख रुपये नकद और कई दस्तावेज जब्त किए गए। समूह के निदेशकों पर पद का दुरुपयोग कर 250 करोड़ रुपये का ऋण संबंधित संस्थाओं को शून्य या बहुत कम ब्याज दर पर देने का आरोप है।
प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद बताया गया कि धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (पीएमएलए) के प्रविधानों के तहत समूह के अंतर्गत आने वाले सार्वजनिक जनकल्याण पारमार्थिक न्यास, पीपुल्स यूनिवर्सिटी, सार्क्स मेटल प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशक रोहित पंडित, मयंक विश्नोई सहित अन्य ने पद का दुरुपयोग किया। वहीं पीपुल्स जनरल के निदेशकों पर आरोप है कि हास्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, पीपुल्स इंटरनेशनल एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और पीजीएच इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 250 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण संबंधित संस्थाओं को शून्य या बहुत कम ब्याज दरों पर दिया। इससे समूह के शेयरधारकों को हानि हुई। तलाशी अभियान के दौरान आठ लाख रुपये नकद और विभिन्न दस्तावेज जब्त किए गए। बताया जा रहा है कि इस मामले में ईडी आगे भी जांच कर रही है।
पिछले साल भी मारा था छापा
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल मई में भी पीपुल्स समूह के ठिकानों पर सर्चिंग कार्रवाई की थी। ईडी की टीम ने तब पीपुल्स समूह के पांच ठिकानों पर दबिश दी थी।











