उदाहरण के लिए एसआईपी (Systematic Investment Plan) में हर महीने में एक तय राशि का निवेश किया जाता है, जबकि लमसम (Lumpsum) में एक बार में ही यानी एकमुश्त राशि का निवेश किया जाता है। हम यहां टॉप 5 इक्विटी आधारित ऐसे एसआईपी फंड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने पात्र निवेशकों को 24.4 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। इन फंड्स ने ये रिटर्न बीते 10 वर्षों में दिया है, जिसमें कम से कम निवेश 100 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का है। रिटर्न के आंकड़े 19 अगस्त 2026 तक के हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं...
सिर्फ 100 से निवेश शुरू कर मिला तगड़ा मुनाफा
नई दिल्ली: शेयर मार्केट में डायरेक्ट निवेश की तुलना में म्यूचुअल फंड्स में निवेश करना हमेशा से कम जोखिम वाला माना गया है। लंबे समय के लिए अगर कोई म्यूचुअल फंड्स में एसआईपी के जरिए पैसे जमा करता है तो उसे अच्छा-खासा रिटर्न मिल सकता है। म्यूचुअल फंड्स में दो तरीकों से निवेश होता है, एक एसआईपी और दूसरा लमसम माध्यम से।
उदाहरण के लिए एसआईपी (Systematic Investment Plan) में हर महीने में एक तय राशि का निवेश किया जाता है, जबकि लमसम (Lumpsum) में एक बार में ही यानी एकमुश्त राशि का निवेश किया जाता है। हम यहां टॉप 5 इक्विटी आधारित ऐसे एसआईपी फंड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने पात्र निवेशकों को 24.4 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। इन फंड्स ने ये रिटर्न बीते 10 वर्षों में दिया है, जिसमें कम से कम निवेश 100 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का है। रिटर्न के आंकड़े 19 अगस्त 2026 तक के हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं...
उदाहरण के लिए एसआईपी (Systematic Investment Plan) में हर महीने में एक तय राशि का निवेश किया जाता है, जबकि लमसम (Lumpsum) में एक बार में ही यानी एकमुश्त राशि का निवेश किया जाता है। हम यहां टॉप 5 इक्विटी आधारित ऐसे एसआईपी फंड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने पात्र निवेशकों को 24.4 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। इन फंड्स ने ये रिटर्न बीते 10 वर्षों में दिया है, जिसमें कम से कम निवेश 100 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का है। रिटर्न के आंकड़े 19 अगस्त 2026 तक के हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं...
