इसके लिए परिवहन विभाग की साइट में जाकर उसमें बतायी गई ऑनलाइन प्रोसेस करना होगा। प्रक्रिया पूरी करने के बाद 450 रुपए ऑनलाइन जमा करने होंगें। उसके बाद 15 दिन के भीतर नया सुधरा हुआ लाइसेंस घर पहुंच जाएगा। शुक्रवार से आरटीओ में यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
सारथी या परिवहन की साइट पर जाकर आवेदन करना होगा। इसमें बताना होगा कि लाइसेंस गुम होने के कारण डुप्लीकेट बनवाना है या रिनुअल की अर्जी दे रहे हैं। ऑनलाइन प्रोसेस के दौरान सभी तरह के ऑप्शन दिए जाएंगे। उसमें क्लिक करने के बाद आधार नंबर वाले कॉलम में अपना आधार नंबर अपलोड करना होगा। आधार कार्ड से पूरा काम हो जाएगा। उसके बाद फोटो खिंचवाने या फिंगर प्रिंट देने की जरूरत नहीं होगी। आधार कार्ड से सारी प्रक्रिया हो जाएगी।
इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस गुम होने पर पुलिस की एनओसी की जरूरत नहीं पड़ेगी। उसके रिप्लेसमेंट के लिए आवेदन करना होगा। इसमें ज्यादा दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सिर्फ आधार कार्ड और पुराने ड्राइविंग लाइसेंस के नंबर से काम हो जाएगा। जो लोग मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते। वे नजदीक के च्वाइस सेंटर या परिवहन सुविधा केंद्र में जाकर आधार प्रमाणीकरण कर सकते हैं।
हर साल 68 हजार रिन्यूअल
आरटीओ से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में हर साल ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल कराने के लिए 60 हजार से ज्यादा आवेदन जमा किए जाते हैं। इसके लिए हालांकि अभी भी ऑनलाइन सिस्टम है और परिवहन की साइट में जाकर प्रोसेस करना पड़ता हैं, लेकिन इसके बाद भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित सभी दस्तावेज लेकर आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता है। पिछले साल 68 हजार लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल कराया है। जबकि 30,424 ने लाइसें में अपना एड्रेस चेंज करवाया है। 4,500 लाइसेंस रिप्लेसमेंट किया गया है। 860 लोगों का सरेंडर ऑफ क्लास व्हीकल के लिए आवेदन आया।











