हाथी मानव द्वंद रोकने चलाया गया जन-जागरूकता अभियान -
मरवाही में हाथी से प्रभावित ग्रामों में हाथी मानव द्वंद रोकने जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। गजरथ के माध्यम से हाथी मानव द्वंद को कम करने हेतु हाथी के व्यवहार एवं हाथी के आने पर क्या करें और क्या न करें इस संबंध में लाउड स्पीकर के माध्यम से एवं पाम्पलेट के माध्यम से जन जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही गजराज द्वारा किये गये क्षतिपूर्ति राशि ग्रामीणों को चेक के माध्यम से प्रदाय किया जा रहा है।
मानव हाथी द्वंद रोकने चलाए गए जन-जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि हाथी आने की सूचना निकटवर्ती वन कर्मचारी को तुरंत दी जानी चाहिए। सभी घरों में पर्याप्त रौशनी रखें, हाथियों का सामना होने पर उनसे दूरी बनाकर रखें। पहाड़ी स्थानों में सामना होने पर ढलान की ओर दौड़े। हाथी ढलान में तेज गति से नहीं उतर सकता है, परंतु चढ़ाई में दक्ष होते हैं। सुरक्षा संबंधी निर्देशों को अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार का शोरगुल या हल्ला न करें, सेल्फी और फोटो न लें, हाथियों को खदेड़ने उसके पास न जाए, हाथियों को गुलेल, तीर, मशाल और पत्थरों से बिल्कुल न मारें। घर में बनें शौचालय का उपयोग करें। देशी शराब व महुआ से शराब न बनाएं व भंडारण न करें। हाथियों के विचरण क्षेत्र में तेंदूपत्ता, फुटु, बांस के संग्रहण के लिए एवं मवेशी चराने के लिए न जाएं।
नुक्कड़ नाटक के के जरिए दिया वन्यप्राणी संरक्षण का संदेश
ग्रामों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से वन्यप्राणी संरक्षण का संदेश प्रसारित किया जा रहा है एवं गौरला परिक्षेत्र अंतर्गत ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल पेण्ड्रारोड, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय आमाडोब एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पकरिया में भी में ड्रॉइंग-पेंटिंग स्लोगन, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई है।











