सड़क किनारे नालियों का निर्माण न होने से संत हिरदाराम नगर का ड्रेनेज सिस्टम बिगड़ा

सड़क किनारे नालियों का निर्माण न होने से संत हिरदाराम नगर का ड्रेनेज सिस्टम बिगड़ा
भोपाल। सड़क किनारे नालियां नहीं होने से संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) का ड्रेनेज सिस्टम में बिगड़ गया है। सड़कें अल्प समय में दम तोड़ रही हैं, वहीं गंदा पानी घरों और दुकानों में घुस आने की समस्या बढ़ती जा रही है। सीवेज लाइनों का भी रखरखाव नहीं हो पा रहा है। वर्षा के इस सीजन में कई सड़कें खराब हो गई हैं।

पानी निकासी का प्रबंध नहीं

यहां के रहवासियों का कहना है कि सीमेंट-कांक्रीट या डामर की सड़क बनाने से पहले पानी निकासी के प्रबंध कभी नहीं किए जाते। इसी कारण पहली ही बारिश में सड़कें खराब हो रही हैं। नालियां नहीं होने से वर्षा का पानी घरों में घुस रहा है। वर्षा होते ही सड़कों पर गड्ढे हो रहे हैं। वर्षा थमने के दो से तीन दिन बाद भी यहां पानी जमा रहता है। सड़क पर पानी होने की वजह से ही सड़कें जल्दी खराब हो रही हैं। सीमेंट-कांक्रीट वाली सड़कें एक से दो साल के बीच ही खराब होने लगी है।

नालों पर भी अतिक्रमण

पानी निकासी नहीं होने की दूसरी बड़ी वजह नाले-नालियों पर अवैध कब्जा होना है। जिन इलाकों में नालियां बनी हैं, वहां पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। कुछ क्षेत्रों में में सफाई के लिए जरूरी जगह भी नहीं छोड़ी गई है। चैंबर नहीं होने से कामगारों को चोक हो चुकी नालियां साफ करने दिक्कत होती है।

पालीथीन पर रोक का भी असर नहीं

पालीथीन के इस्तेमाल पर रोक लगने के बावजूद नालियों से बड़ी संख्या में पन्नियां निकल रही हैं। लोग कचरा पन्नी में डाल देते हैं। बारिश में यह नालियों में जाकर नाली चोक होने की वजह बन जाती हैं। बीआरटीएस मार्ग किनारे बने ड्रेनेज को डिस्पोजल गिलास जाम कर रहे हैं। हाल ही में नगर निगम के अमले ने बाजार में पानी निकासी के प्रबंध करने के लिए कुछ स्थानों से खोदाई की तो बड़ी संख्या में डिस्पोजल गिलास और पन्नियां निकलीं। नालियों पर अतिक्रमण होने के कारण कई इलाकों में नालियों पर कब्जा कर निकासी मार्ग को सीवेज लाइनों से जोड़ दिया है, इससे सीवेज के चैंबर जाम हो रहे हैं। महापौर परिषद के सदस्य राजेश हिंगोरानी का कहना है कि नई सड़कों के साथ पानी निकासी के प्रबंध करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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