खुद को मृत साबित करने निर्दोष की हत्या करने वाले आरोपित को दोहरा आजीवन कारावास

खुद को मृत साबित करने निर्दोष की हत्या करने वाले आरोपित को दोहरा आजीवन कारावास


भोपाल। अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार भारद्वाज के न्यायालय ने चार वर्ष पुराने हत्या के सनसनीखेज मामले में आरोपित राजेश परमार को दोषी मानते हुए दोहरा आजीवन कारावास और 2 हज़ार तीन सौ रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। बता दें कि आरोपित पूर्व से एक हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। पेरोल पर छूटने के बाद उसने खुद को मृत साबित करने के लिए एक निर्दोष युवक की हत्या कर शव को जला दिया था। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक राम कुमार खत्री ने पैरवी की।


यह है घटनाक्रम 

दिनांक 29 जून 2019 को आरोपित राजेश परमार के नीलबड़ स्थित घर में आग लगने की सूचना रातीबड पुलिस को मिली थी। पुलिस ने घटना स्थल से जले हुए शव और मोबाइल फोन के अलावा एक सुसाइड नोट बरामद किया था। मोबाइल फोन के आधार पर हरिओम परमार ने शव की शिनाख्त अपने भाई राजेश परमार के रूप में की थी। पोस्टमार्टम से पता चला कि मृतक के हाथ पीछे से बंधे हुए थे। साथ ही संबंधित व्यक्ति की मौत आग लगने से पहले हो जाने की जानकारी मिली थी।


मोबाइल से मिला सुराग

मृतक के पास घटना स्थल से प्राप्त मोबाइल नंबर की सीडीआर प्राप्त करने पर उस पर निहाल खान के द्वारा उपयोग किये जा रहे मोबाइल का नम्बर प्राप्त हुआ। संदेही निहाल खान की लोकेशन गुजरात की प्राप्त होने पर उसे गुजरात से पकड़कर लाया गया। निहाल से पूछताछ में पता चला कि राजेश परमार बंगलुरु की तरफ भाग गया है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपित राजेश परमार को चेन्नई से पकडकर भोपाल लाया गया। पूछताछ में राजेश ने बताया था कि उसे राजू रैकवार नामक व्यक्ति प्रभात चौराहे की शराब दुकान पर मिला था, जिसे वह शराब पिलाने के बहाने अपने घर ले आया था। शराब पिलाने के बाद उसने राजू की हत्या कर दी थी। साथ ही घर में आग लगाकर वह भाग निकला था।

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