विरोध में हैं कितने राजनीति दल?
संविधान में संशोधनों की जरूरत
संविधान में संशोधन करने के तरीके के बारे में अनुच्छेद 368 (2) में लिखा है, 'इस संविधान का संशोधन, केवल संसद के किसी भी सदन में, उस उद्देश्य के लिए विधेयक पेश करके ही प्रारंभ किया जा सकता है और जब विधेयक प्रत्येक सदन द्वारा उस सदन के कुल सदस्य संख्या के बहुमत से और उस सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के बहुमत से पारित हो जाता है, तो वह राष्ट्रपति के सम्मुख प्रस्तुत किया जाएगा जो विधेयक पर अपनी अनुमति देगा और तदनुसार विधेयक के उपबंधों के अनुसार संविधान संशोधित हो जाएगा।'











