भोपाल, 12 जुलाई 2023 l कलेक्टर भोपाल आशीष सिंह ने धारा 144 के अंतर्गत आदेश जारी कर भोपाल जिले में संचालित समस्त अशासकीय विद्यालय जो कि माध्यमिक शिक्षा मण्डल, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अथवा आई.सी.एस.ई. बोर्ड से सम्बंद्ध हैं। सभी विद्यालयों को मध्यप्रदेश राजपत्र असाधारण 2 दिसम्बर 2020 स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल में उल्लेखित निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। सभी अशासकीय विद्यालयों के लिये यह अनिवार्य है कि वे आगामी शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के पूर्व लेखक एवं प्रकाशक के नाम एवं मूल्य के साथ कक्षादार पुस्तकों की सूची तथा स्कूल यूनीफार्म विक्रेताओं की सूची विद्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करें और शाला के विद्यार्थियों को ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराई जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकगण इन पुस्तकों एवं स्कूल यूनीफार्म को उनकी सुविधा अनुसार खुले बाजार से क्रय कर सकें।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री आशीष सिंह ने धारा 144 में आदेश जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि प्रत्येक स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य अपने स्कूल में प्रत्येक कक्षा में लगने वाली पाठ्य पुस्तकों एवं स्कूल यूनीफार्म कम से कम दो प्रतिष्ठानों जहां पर यूनीफार्म एवं किताबें उपलब्ध है पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगें व संबंधित प्रतिष्ठानों की जानकारी स्कूल के सूचना पटल एवं शिक्षा विभाग की वेबसाइट E-Mail ID deobho-mp@nic.in पर अनिवार्यतः प्रेषित करें।
जारी आदेशानुसार किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर विद्यालय का नाम अंकित नहीं होना चाहिये। विद्यालय के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि किसी दुकान विशेष से सामग्री क्रय करने की बाध्यता नही है। कहीं से भी पुस्तकें, यूनिफार्म एवं अन्य आवश्यक सामग्री क्रय की जा सकती है। पुस्तकों के अतिरिक्त शालाओं द्वारा यूनीफार्म, टाई, जूते, कापियाँ आदि भी उन्हीं की शालाओं से उपलब्ध, विक्रय कराने का प्रयास नहीं किया जाएगा। विद्यालय की स्टेशनरी, यूनिफार्म पर विद्यालय का नाम प्रिन्ट करवाकर दुकानों से क्रय करने अथवा एक विशिष्ट दुकान से यूनिफार्म, पाठ्यपुस्तकें बेचना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश के उल्लंघन पर धारा 188 में कार्रवाई की जाएगी।











