बैरागढ़ और गांधीनगर में जर्जर पेयजल आपूर्ति लाइनें बदली जाएंगी, दो नए ओवरहेड टैंक भी बनेंगे

बैरागढ़ और गांधीनगर में जर्जर पेयजल आपूर्ति लाइनें बदली जाएंगी, दो नए ओवरहेड टैंक भी बनेंगे
भोपाल। बैरागढ़ और गांधीनगर के रहवासियों को जल्द ही गंदे पानी और बार-बार लीकेज होने की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। नगर निगम ने अमृत-दो योजना का खाका तैयार कर लिया है। यहां की जर्जर पाइप लाइन बदलने की तैयारी की जा रही है। दो नए ओवरहेड टैंक भी बनेंगे। नया जल शोधन संयंत्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव है

नगर निगम ने करीब चार साल पहले अमृत-दो योजना को स्वीकृति दी थी, लेकिन काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना के तहत सबसे पहले गांधीनगर की पाइप लाइन बदली जाएगी। संत हिरदारामजी की कुटिया से रेलवे लाइन के नीचे से होती हुई गांधीनगर की ओर जाने वाली पाइप लाइन करीब 20 साल पुरानी है। बार-बार लाइन क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति प्रभावित होती है। पिछले छह माह में ही यहां तीन बार लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। इस लाइन को प्राथमिकता से बदलने की योजना है।

इन इलाकों में भी नई लाइन बिछाएंगे

बूढ़ाखेड़ा से स्थित फिल्ट्रेशन प्लांट से विजयनगर एवं सीटीओ तक नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही दो नए ओवरहेड टैंक बनाने का प्रस्ताव है ताकि अगले 25 साल तक पेयजल की समस्या न रहे। जल कार्य विभाग के एई सचिन साहू के अनुसार योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। बैरागढ़ के आवासीय इलाकों में भी नई लाइन का नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके लिए भी प्रस्ताव बनाया जा रहा है। नई लाइनें बिछाने से नागरिकों को गंदे पानी की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। वर्तमान में कुछ लाइनें सीवेज लाइनों के निकट से गुजरती हैं। क्षतिग्रस्त होने पर सीवेज का पानी पेयजल लाइनों के माध्यम से घरों तक पहुंच जाता है। नई लाइन बिछाने से ग्रीष्मकाल में कम प्रेशर से पानी आने की समस्या का निदान भी हो जाएगा। नागरिकों को भरपूर पानी मिलेगा।

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