दिल्ली से साथ आए दिग्विजय-ज्योतिरादित्य लेकिन बनाकर रखी दूरी, एयरपोर्ट पर अलग चलते रहे

दिल्ली से साथ आए दिग्विजय-ज्योतिरादित्य लेकिन बनाकर रखी दूरी, एयरपोर्ट पर अलग चलते रहे

भोपाल। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच दूरियां बढ़ी हैं। बुधवार को यह एक बार फिर साफ नजर आई। दोनों एक ही फ्लाइट से राजा भोज विमानतल पहुंचे पर दूरी बनाकर रखी। दिग्विजय सिंह अकेले किनारे-किनारे चलते रहे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता किसी से छुपी नहीं है और यह समय-समय पर स्पष्ट रूप से नजर भी आती रही है। कमल नाथ सरकार के अल्पमत में आने का कारण सिंधिया का कांग्रेस का साथ छोड़ना था। इसका कारण भी दोनों के बीच की खींचतान को ही माना जाता है।

अब स्थिति यह हो गई है कि दोनों एक-दूसरे को घेरने का कोई भी अवसर हाथ से नहीं जाने देते हैं। दूरियां इतनी अधिक हो गई हैं कि एक-दूसरे के सामने आने तक से कतराने लगे हैं। बुधवार को यह स्पष्ट नजर भी आया, जब दोनों एक ही फ्लाइट से भोपाल पहुंचे पर दूरी बनाकर रखी। समर्थकों ने अपने-अपने नेता का स्वागत किया।

कांग्रेस का दोहरा चरित्र : विजयवर्गीय

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को सनातम धर्म पर टिप्पणी को लेकर आइएनडीआइए गठबंधन के सहयोगियों की आलोचना की और और इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया। पत्रकारों से बात करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि गठबंधन के सहयोगियों ने सनातन धर्म पर हमला किया है। मैंने सोचा था कि गठबंधन उदयनिधि की सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देगा, लेकिन कांग्रेस प्रमुख खड़गे के बेटे ने कुछ ही घंटों में बयान का समर्थन किया। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमल नाथ हिंदू संतों के उपदेश देते हैं, वहीं सनातन धर्म को खत्म करने वाली टिप्पणी पर चुप हैं। इस तरह का दोहरा चरित्र अच्छा नहीं है।

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