उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी को बताया कि हाल ही में एनएच - 30 के जबलपुर से मंडला एवं चिल्फी तक लगभग 160 कि.मी. के सेक्शन को 4-लेन में विकसित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में चिल्फी (धवईपानी) से कवर्धा तथा कवर्धा गुरूनाला से सिमगा तक का मार्ग 10 मीटर चौड़ाई की 2-लेन सड़क के रूप में निर्मित है। चिल्फी से रायपुर मार्ग पर वर्तमान में व्यावसायिक एवं भारी वाहनों का अत्यधिक आवागमन होता है। जबलपुर-मंडला-चिल्फी सेक्शन के 4-लेन बनने के बाद यातायात का दबाव आगे के 2-लेन सेक्शन पर और अधिक बढ़ने की संभावना है। ऐसी स्थिति में लोक सुरक्षा एवं यातायात सुगमता के दृष्टिकोण से धवईपानी (चिल्फी) से सिमगा (रायपुर) तक के पूरे सेक्शन को 4-लेन में उन्नत करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
जबलपुर से रायपुर के मध्य एनएच-30 पर जिला कबीरधाम मुख्यालय कवर्धा स्थित है। यह अंतर्राज्यीय मार्ग व्यावसायिक, सामाजिक एवं राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां प्रतिदिन भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन होता है।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कवर्धा शहर में भारी यातायात के दबाव को कम करने तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कवर्धा बायपास (4 लेन मय पेव्ड शोल्डर) के निर्माण की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि बायपास निर्माण से शहर के भीतर दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी तथा यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।
नागपुर से लौटते ही रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि सिमगा से रायपुर तथा धवईपानी से जबलपुर तक 4-लेन निर्माण के आदेश पूर्व में जारी हो चुके हैं, किंतु धवईपानी से सिमगा तक का सेक्शन शेष रह गया था। इस महत्वपूर्ण खंड को भी 4-लेन में विकसित करने हेतु उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी से आग्रह किया, जिसे उन्होंने तत्काल स्वीकार करते हुए शीघ्र निर्माण का आश्वासन दिया।











