उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने जनदर्शन के जरिए आम जनों की समस्याओं से रूबरू हुए। उनके निवास स्थल पर आयोजित जनदर्शन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जांजगीर जिले के बुढ़ादेव आदिवासी समाज सेवा समिति रूप में संगठित सबरिया जाति के लोगों ने गोंड जाति की मान्यता दिलाने संबंधी आवेदन उप मुख्यमंत्री को दिया है। उन्होंने कहा कि सब्बल लेकर मेहनत मजदूरी करने के कारण बोल-चाल की भाषा में हमें सबरिया कहा जाने लगा। शिक्षा के अभाव में राजस्व अभिलेख में भी सबरिया का प्रयोग हो गया है जिसके कारण हमें गोंड जाति नही माना जा रहा है और हमे शासन द्वारा प्रदान किये जा रहे आरक्षण का लाभ नही मिल पा रहा है। जबकि हम अत्यंत पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजेार है। गोंड जाति में सम्मिलित किये जाने की मांग समिति के सदस्यों द्वारा की गई है। उप मुख्यमंत्री ने उनकी मांगो पर विचार करने का आश्वासन दिया।
उप मुख्यमंत्री साव ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं
बिलासपुर। उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने शुक्रवार को जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। बिलासपुर में नेहरू चौक स्थित निवास में उनसे मिलने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जनदर्शन में अलग-अलग समस्याओं को लेकर लगभग 200 आवेदन उप मुख्यमंत्री को दिये गए।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने जनदर्शन के जरिए आम जनों की समस्याओं से रूबरू हुए। उनके निवास स्थल पर आयोजित जनदर्शन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जांजगीर जिले के बुढ़ादेव आदिवासी समाज सेवा समिति रूप में संगठित सबरिया जाति के लोगों ने गोंड जाति की मान्यता दिलाने संबंधी आवेदन उप मुख्यमंत्री को दिया है। उन्होंने कहा कि सब्बल लेकर मेहनत मजदूरी करने के कारण बोल-चाल की भाषा में हमें सबरिया कहा जाने लगा। शिक्षा के अभाव में राजस्व अभिलेख में भी सबरिया का प्रयोग हो गया है जिसके कारण हमें गोंड जाति नही माना जा रहा है और हमे शासन द्वारा प्रदान किये जा रहे आरक्षण का लाभ नही मिल पा रहा है। जबकि हम अत्यंत पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजेार है। गोंड जाति में सम्मिलित किये जाने की मांग समिति के सदस्यों द्वारा की गई है। उप मुख्यमंत्री ने उनकी मांगो पर विचार करने का आश्वासन दिया।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने जनदर्शन के जरिए आम जनों की समस्याओं से रूबरू हुए। उनके निवास स्थल पर आयोजित जनदर्शन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जांजगीर जिले के बुढ़ादेव आदिवासी समाज सेवा समिति रूप में संगठित सबरिया जाति के लोगों ने गोंड जाति की मान्यता दिलाने संबंधी आवेदन उप मुख्यमंत्री को दिया है। उन्होंने कहा कि सब्बल लेकर मेहनत मजदूरी करने के कारण बोल-चाल की भाषा में हमें सबरिया कहा जाने लगा। शिक्षा के अभाव में राजस्व अभिलेख में भी सबरिया का प्रयोग हो गया है जिसके कारण हमें गोंड जाति नही माना जा रहा है और हमे शासन द्वारा प्रदान किये जा रहे आरक्षण का लाभ नही मिल पा रहा है। जबकि हम अत्यंत पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजेार है। गोंड जाति में सम्मिलित किये जाने की मांग समिति के सदस्यों द्वारा की गई है। उप मुख्यमंत्री ने उनकी मांगो पर विचार करने का आश्वासन दिया।
