भोपाल। राजधानी में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अक्टूबर माह में डेंगू पाजीटिव मरीजों की संख्या 290 तक पहुंच चुकी थी। लेकिन यहां डेंगू से निपटने को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं किस कदर लचर है, इसकी एक बानगी यह है कि राजधानी के जिला चिकित्सालय जेपी अस्पताल में साफ्टवेयर में खराबी आने के कारण डेंगू जांचने की मशीन बंद हो गई है। ऐसे में अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मजबूरन उन्हें अपनी जांच के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
दो-तीन दिन में सुधरवाने का दावा
जेपी अस्पताल के सिविल सर्जन डा. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि वो अगले दो से तीन दिनों में मशीन में सुधार करा लेंगे। जब तक डेंगू की जांच के लिए संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपलों का भोपाल के बैरागढ़ सिविल अस्पताल भेजा जा रहा है। अभी तक 570 से अधिक मरीज मिल चुके हैं। जबकि इस माह में 270 लोगों का एलाइजा टेस्ट पाजीटिव आ चुका है।
यहां होती है डेंगू की जांच
- जेपी (जिला) अस्पताल - यहां मशीन खराब है।
- हमीदिया अस्पताल - यहा पर सैंपलों की जांच की जा रही है।
- सिविल अस्पताल बैरागढ़- यहां पर जांच की जा रही है।
- एम्स भोपाल- यहां पर भी डेंगू की जांच की जा रही है।
डेंगू के करीब दस मरीज रोज मिल रहे
राजधानी में डेंगू के मरीजों की तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। शहर में लगभग रोज दस मरीजों की रिपोर्ट पाजीटिव आ रही है। मलेरिया विभाग लगातार आने वाले पाजीटिव मरीजों से परेशान है। अक्टूबर माह में करीब 290 मरीज पाजीटिव पाए गए हैं। मलेरिया विभाग के अधिकारी अखिलेश दुबे ने बताया कि वो लगातार काम कर रहे हैं। उनके और नगर निगम के कर्मचारी लगातार डेंगू लार्वा की खोज कर उसे नष्ट कर रहे हैं।











