कार्यपालन यंत्री विनोद कुमार तिवारी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर मध्य प्रदेश शासन को लाखों रुपए का चुनाव लगाया।
विनोद कुमार तिवारी कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग से प्रति नियुक्ति पर नगर निगम जबलपुर मैं लगभग 9 वर्ष पूर्व पद स्थापना की गई थी उस समय नगर निगम जबलपुर में पदस्थ होने के कारण अपने पद का दबाव दिखाकर इन्होंने गन गेराज फैक्ट्री जबलपुर के स्वामित्व का एक शासकीय बांग्ला अपने नाम से आवंटित कर लिया था जो लगभग 3 एकड़ में फैला हुआ है। नगर निगम जबलपुर से विनोद तिवारी का स्थानांतरण लगभग 7 वर्ष पहले हो चुका है जबलपुर परिक्षेत्र में लेकिन शासकीय बांग्ला आज दिनांक तक रिक्त नहीं किया है और जानकारी के अनुसार बाजार रेंट भी नहीं देते। लगभग 6 वर्ष पूर्व विनोद तिवारी कार्यपालन यंत्री का स्थानांतरण जिला सिवनी में कार्यपालन यंत्री के रूप में हुआ था जिला सिवनी में जॉइनिंग दिनांक 17- 7- 2017 है जिला सिवनी से इनका स्थानांतरण जबलपुर परिक्षेत्र में हो गया था जिला सिवनी से विनोद तिवारी कार्यपालन यंत्री का रिलीविंग दिनांक04-112022 है जिला सिवनी में विनोद तिवारी कार्यपालन यंत्री लगभग 5 वर्ष 4 माह कार्यरत रहे जानकारी के अनुसार इन्होंने यह पूरा कार्यकालअपने विभागीय रेस्ट हाउस- शासकीय रेस्ट हाउस जो कि जिला सिवनी में बंडोल में स्थित है उसी में रहे और उसका किराया आज दिनांक तक शासन में जमा नहीं करवाया गया है इस पूरे कार्यकाल में जानकारी के अनुसार कोई प्राइवेट बांग्ला किराए पर नहीं लिया गया तथा शासकीय बांग्ला भी आवंटित नहीं हुआ। इस तरह विनोद तिवारी ने किराया जमा ना कर शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया। जानकारी के अनुसार लगभग आठ माह पूर्व विनोद तिवारी कार्यपालन यंत्री को प्रभारी अधीक्षण यंत्री के रूप में जिला सागर मैं पदस्थ किया गया है वहां पर वह 3 स्टार होटल दीपाली एवं होटल क्राउन में रहते हैं, वह प्रति सप्ताह लगभग तीन-चार दिन वहां रुकते हैं और उसके बाद शासकीय गाड़ी से जबलपुर चले जाते हैं जबकि सागर में विनोद तिवारी प्रभारीअधीक्षण यंत्री को शासकीय बांग्ला भी आवंटित है शासकीय गाड़ी संबंध में आने जाने की जानकारी टोल नाको से प्राप्त की जा सकती है तथा होटल में रहने के संबंध में होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे तथा होटल के रिकॉर्ड से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। थ्री स्टार होटल में रहने पर जो खर्च होते हैं उससे ऐसा प्रतीत होता है कि यह जब कार्यपालन यंत्री सिवनी में रहे तब इन्होंने भरपूर कोटेशन से कार्य करवाए है तथा भरपूर भ्रष्टाचार किया है क्योंकि एक कार्यपालन यंत्री को जो सैलरी मिलती है उस सैलरी में वह 3 स्टार होटल में इतने दिन नहीं रह सकता। जानकारी के अनुसार सागर में जो बांग्ला विनोद तिवारी प्रभारी अधीक्षण यंत्री को आवंटित हुआ है उसमें भी अपने अधीन कर्मचारियों पर दबाव डालकर लाखों रुपए का कार्य भी करवाया गया है उक्त बिंदुओं पर शासन द्वारा जांच किया जाना अपेक्षित है जिससे विनोद तिवारी द्वारा किए गए पूर्ण भ्रष्टाचार उजागर हो सके।











