आज से छाएगा सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का उल्लास, फाइनल रिहर्सल में सिंधी, गुजराती गीतों पर बिखेरे मां की भक्ति के रंग

आज से छाएगा सांस्कृतिक गरबा महोत्सव का उल्लास, फाइनल रिहर्सल में सिंधी, गुजराती गीतों पर बिखेरे मां की भक्ति के रंग
भोपाल। नवरात्र पर्व के दौरान सांस्कृतिक गरबा महोत्सव शुरू होने से पहले ही मां अंबे की भक्ति के साथ रास-उल्लास में डूबे भक्तों ने सर्किल में उतरकर जोश दिखाया। मंगलवार को सुंदर वन मैदान पर फाइनल रिहर्सल हुई। इसमें एक हजार से अधिक युवाओं ने गरबा के साथ डांडिया भी किया। महोत्सव 18 अक्टूबर को शुरू होगा। सिंधी मेला समिति के इस आयोजन में नवदुनिया प्रिंट पार्टनर है।


फाइनल रिहर्सल में युवाओं ने दिखाया जोश

 फाइनल रिहर्सल में बैरागढ़, ईदगाह हिल्स, गांधीनगर, पंचवटी, ग्लोबस ग्रीन, संत कंवरराम कालोनी, सिंधु दर्शन भेल, सिंधी कालोनी एवं भेल के युवाओं ने जोश दिखाया। मुख्य प्रशिक्षक सोनू ठाकुर के निर्देशन में युवाओं ने तीन ताली थीम पर भी झूम मचाई। प्रसिद्ध गायक नरेश गिदवानी ने अपनी मधुर आवाज में जैसे ही सिंधी गीत ठार माता ठार गाना शुरू किया, युवाओं का हुजूम झूम उठा। गरबा मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरियानी ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ बुधवार को रात्रि आठ बजे होगा। टीवी पर भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभा चुके सुमेद मुदगलकर समारोह में मुख्य अतिथि होंगे और कृष्ण की लीलाएं करते नजर आएंगे।


फूड जोन में चखें व्यंजनों का स्वाद

 सुंदर वन नर्सरी में इस बार फूड जोन भी बनाया गया है। यहां परंपरागत इंडियन, कांटिनेंटनल एवं साउथ इंडियन व्यंजनों के साथ ही सिंधी व्यंजन कढ़ी चावल, मिठी भोरी एवं बीह पटाटा आदि का स्वाद भी लोग चख सकेंगे। एलईडी मैपिंग मंच से सांस्कृतिक प्रस्तुति देते कलाकारों के साथ सर्किल में प्रतिभागी झूमते नजर आएंगे।

 

फाइनल रिहर्सल में स्ट्रांगर ग्रुप ने धूम मचाई

 फाइनल रिहर्सल में स्ट्रांगर ग्रुप ने प्रस्तुति से धूम मचाई। इस ग्रुप में दीपेश लालवानी, वंशिका लालवानी, सुजीत कृपलानी, प्रांजल बजाज, पीयूष कृपलानी एवं अभय रामचंदानी शामिल थे। हरी टी शर्ट पहनकर आए समूह ने अपनी शानदार प्रस्तुति के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। बैरागढ़ के युवा योगेश मालानी, करन, साक्षी, रौशनी, हिमांशी, टीशा, अर्पिता, अमन एवं नेहा मनवानी बुधवार को भारतीय क्रिकेट थीम पर मैदान में उतरेंगे।

 

मिलकर करेंगे मां अंबे की स्तुति

फाइनल रिहर्सल में सर्किल में उतरकर बहुत अच्छा लग रहा है। लगा है इंतजार की घड़ियां समाप्त हुई। हमने 25 दिन प्रशिक्षण लिया। बहुत कुछ सीखा। अब अगले चार दिन खूम धूम मचाएंगे। मिलकर गरबा करते हुए मां अंबे की स्तुति करेंगे।

 

 

                                                                                                            - रौशनी मीरचंदानी, ईदगाह हिल्स

 

 

 

 

 

 

अफ्रीका से गरबे की चाह खींच लाई

 

 

में इन दिनों अफ्रीका में रह रहा हूं। सांस्कृतिक गरबा महोत्सव शुरू होने की खबर मिलते ही मैंने यहां आने का कार्यक्रम बनाया। आज सर्किल में उतरकर मन प्रसन्न हो गया। अगले चार दिन हमारे लिए बहुत खुशी और उल्लास से भरे रहने वाले हैं।

 

 

- हरीश मनवानी, गरबा पार्टिसिपेंट

 

 

 

 

 

 

लगता है सर्किल न छोड़ें, यहीं रहें

 

 

फाइनल रिहर्सल में मैंने मित्रमंडली के साथ गरबा किया। समय का पता ही नहीं चला। महोत्सव की शुरूआत इससे भी भव्य होगी। हम पूरे चार दिन मां की भक्ति करेंगे। पिछले कुछ सालों से महोत्सव में कुछ न कुछ नया नजर आता है। यही विशेषता है।

 

 

- रिमझिम धनवानी, गरबा पार्टिसिपेंट

 

 

 

 

 

 

सामाजिक एकता का पर्व

 

 

गरबा महोत्सव मां अंबे की भक्ति के साथ सामाजिक एकता का पर्व है। मैं पिछले 12 साल से इसका हिस्सा हूं। परिवार के साथ यहां गरबा करना बहुत अच्छा लगता है। मेला समिति और नवदुनिया बधाई के पात्र हैं। ऐसे आयोजन से संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।

 

 

                                                                                                       - जीया मोतियानी, गरबा पार्टिसिपेंट

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