इंदौर। विवादित फिल्म आदिपुरुष को लेकर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने संशोधन प्रस्तुत करने के लिए समय ले लिया। याचिका की सुनवाई गुुरुवार को युगलपीठ के समक्ष हुई थी। शासकीय अधिवक्ता ने सवाल उठाया था कि याचिका में 18 याचिकाकर्ता हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया है कि उन्होंने अब तक समाजहित के क्या-क्या कार्य किए और याचिका दायर करने के पीछे उनका उद्देश्य क्या है।
इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा था कि वे याचिकाकर्ताओं के बारे में उक्त सवालों का जवाब दें। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट से याचिका में संशोधन की अनुमति मांग ली। कोर्ट ने अनुमति देते हुए संशोधन के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। याचिका में अगली सुनवाई सप्ताहभर बाद होगी।
यह है मामला
फिल्म आदिपुरुष को लेकर अलग-अलग राज्यों की हाई कोर्ट में याचिकाएं चल रही हैं। आरोप है कि फिल्म में आराध्य देवताओं का गलत तरीके से चित्रण किया गया है जो कि आपत्तिजनक है। फिल्म में रामायण के तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है। तथ्यों को तोड़मरोड़कर दिखाया गया है। इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
याचिका में केंद्र शासन, सेंसर बोर्ड, फिल्म के प्रोड्यूसर, डायरेक्टर ओम भारत राउत और स्क्रिप्ट राइटर मनोज शुक्ला पक्षकार हैं। मप्र हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फिल्म का डिस्क्लेमर प्रस्तुत करने को कहा था ताकि पता चल सके कि इसमें शब्दश: क्या लिखा गया है।
फिलहाल फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं
फिल्म आदिपुरुष को लेकर भले ही अलग-अलग हाई कोर्ट में याचिकाएं चल रही हैं लेकिन फिल्म का प्रदर्शन जारी है। प्रदेश के बाहर हाई कोर्ट ने याचिका में पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तो मांगा है लेकिन फिल्म के प्रदर्शन पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है। हालांकि फिल्म को शुरुआत में जितने दर्शक मिल रहे थे उतने अब नहीं मिल रहे।











