अहाते बंद होने के बाद 42 प्रतिशत बढ़ी देशी शराब की खपत

अहाते बंद होने के बाद 42 प्रतिशत बढ़ी देशी शराब की खपत
भोपाल । जिले में नई शराब नीति लागू होने के बाद से अहाते बंद हो गए हैं इस वजह से बीयर समेत अंग्रेजी शराब की खपत घट गई है। जबकि देशी शराब की खपत में बढ़ोतरी हुई है। पिछले 3 महीने में बीते साल की अपेक्षा बीयर की खपत में 30 प्रतिशत और अन्य अंग्रेजी शराब की खपत में 16 प्रतिशत की गिरावट हुई है। जबकि इसी अवधि में देशी शराब की खपत में 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अहातों में बीयर, अंग्रेजी शराब पीने वाले अधिक आते थे

दरअसल अहातों में अंग्रेजी शराब और बीयर पीने वाले ही अधिक आते थे। जबकि देशी शराब पीने वाले यहां-वहां अन्यत्र स्थान पर मदिरापान कर लेते हैं। इसी वजह से इन पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। शराब कारोबारी भी मानते हैं कि अहाते बंद होने से अंग्रेजी शराब और बीयर की खपत में कमी आई है।

87 दुकानें बचीं, फिर भी देशी मदिरा के अधिक शौकीन

राजधानी में पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 90 शराब दुकानें थी, लेकिन लोगों के विरोध और नई नीति के कारण अयोध्या नगर, बरखेड़ी और मिसरोद सहित तीन दुकानों को बंद कर दिया गया है। अब शहर में कुल 87 शराब दुकानें हैं। ऐसे में शराब कारोबारियों ने सरकार को लगभग 200 करोड़ रुपये का झटका दिया है। प्रशासन ने जिले में शराब दुकानों की नीलामी के लिए 971 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था लेकिन सिर्फ 798 करोड़ में ही नीलाम हो सकी थीं। इससे सरकार को लगभग 173 करोड़ रुपए का सीधा नुकसान हुआ है। देशी शराब की बिक्री बढ़ने से शराब कारोबारियों की कमाई ज्यादा बढ़ गई है। मध्यप्रदेश में भोपाल की शराब दुकानें ही सबसे कम कीमत पर नीलाम हुई हैं।


जमकर हो रहा देशी शराब का अवैध कारोबार

देशी शराब की खपत ज्यादा होने के साथ ही अवैध कारोबार भी जमकर हो रहा है।पिछले दिनों आबकारी की टीम ने देशी शराब के ठिकानों पर लगातार छापामार कार्रवाई भी की है। हाल ही में आबकारी की टीम ने 28 अगस्त को गांधीनगर, शांति नगर, आदमपुर छावनी, हरिपुरा क्षेत्र से अवैध हाथ भट्टी शराब बरामद की थी।इसी तरह बैरसिया रोड स्थित होटल प्रेसीडेंट एंड बार से देसी शराब अवैध रूप से बेची जा रही थी।

शराब बिक्री की तुलनात्मक स्थिति

बीते साल देशी शराब की बिक्री औसतन 4 लाख प्रूफ लीटर से बढ़कर इस साल यह औसतन 6 लाख प्रूफ लीटर से ज्यादा हो गई है।बीते महीनों में विदेशी शराब की खपत में पिछले साल के मुकाबले करीब एक लाख प्रूफ लीटर की कमी आई है।

इनका कहना है

जिले में देशी शराब की खपत पिछले साल की अपेक्षा इस साल बढ़ी है। इसके साथ ही देशी शराब की अवैध तस्करी भी बड़े स्तर पर की जा रही है। ऐसे ही अवैध ठिकानों पर हाल ही में आबकारी ने छापामार कार्रवाई की है। आबकारी अमले द्वारा शराब तस्करों पर निरंतर कार्रवाई जारी है।

                                                                                                     - राजेंद्र जैन, आबकारी कंट्रोलर
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