मप्र कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में बोर्ड ऑफिस चौराहे पर हाथ में जंजीरें बांधकर प्रदर्शन किया। इस तरह के प्रदर्शन मप्र के सभी जिलों में किए गए। कांग्रेस कार्यकर्ता अमेरिका द्वारा 104 भारतीयों को कैदियों की तरह मालवाहन विमान से भारत भेजने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शन में पटवारी कहा कि प्रधानमंत्री भारतीयों के साथ हुए इस व्यवहार पर चुप क्यों है? वे जल्दी अमेरिका दौरे पर जा रहे हैं। क्या वे वहां ट्रंप से माफी मंगवा पाएंगे। यदि पीएम ऐसा करते हैं तो हम उनका नागरिक अभिनंदन करेंगे। पटवारी ने कहा कि पीएम ने 10 साल में देश को विश्व गुरू बनाने की बात कही थी, लेकिन इसके उलट देश के नागरिकों, महिलाओं और बच्चे के साथ जानवरों जैसा व्यवहार हो रहा है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कांग्रेस पर भोपाल में जीआईएस से पहले देश और मप्र की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। पीसीसी अध्यक्ष पटवारी के बयान पर शर्मा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की साख अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है, मप्र को देश को औद्योगिक हब बनाने के मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रयासों को मिल रहे समर्थन से कांग्रेसी बौखलाए हुए है।
मप्र में निवेश के लिए कई देशी-विदेशी उद्योगपति आने वाले हैं। इसलिए कांग्रेस भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में डिपोर्टेशन एक सामान्य प्रक्रिया है, 2009 में 734 लोगों को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया था। यह सभी देशों की जिम्मेदारी है कि अगर उनका कोई नागरिक किसी देश में अवैध रूप से रह रहा है, तो उसको वापस लें। संविधान की धज्जियां उड़ाने वाली कांग्रेस को विदेश नीति पर अंगुली उठाना शोभा नहीं देता।











