यह दृश्य भारत की गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी सौहार्द और भाईचारे का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। लोकतंत्र की इस महायात्रा में जब अलग-अलग पृष्ठभूमियों से आए लोग एकजुट होकर निष्पक्ष और सुचारू मतदान कराने के लिए तत्पर हैं, तो यह संदेश जाता है कि भारत की असली ताकत इसकी विविधता में एकता है।
विशेष रूप से, इस दल में शामिल अब्दुल सईद खान, जो पूर्व सैनिक भी हैं। भूतपूर्व सैनिक से शासकीय शिक्षक बने अब्दुल सईद खान अपने राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को आगे बढ़ाते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में योगदान दे रहे हैं। यह उदाहरण न केवल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि जब बात लोकतंत्र और देश की सेवा की हो, तो सभी मतभेद पीछे छूट जाते हैं और केवल एक पहचान रह जाती है.....हम भारतवासी हैं।











