कलेक्टर ने शहर के जलाशयों को बचाने विभागों से मांगा एक्शन प्लान

कलेक्टर ने शहर के जलाशयों को बचाने विभागों से मांगा एक्शन प्लान
भोपाल। कलेक्ट्रेट में बुधवार को जिला वेटलैंड संरक्षण समिति की पहली बैठक का आयोजल किया गया। इसमें कलेक्टर आशीष सिंह ने वेटलैंड नियम 2017 को नोटिफाइड करने के लिए नगर निगम, राजस्व, वन, सिंचाई, कृषि सहित अन्य विभागों से उनका एक्शन प्लान मांगा है। साथ ही वाटर बाडी के चारों ओर फेंसिंग कराने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में ये हुए शामिल

बता दें कि राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के निर्देश पर सभी जिलों में इस तरह कमेटी बनाई गई हैं। बैठक में नगर निगम आयुक्त फ्रेंक नोबल ए, डीएफओ आलोक पाठक, जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड , पीएचई, जल संसाधन, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, कृषि समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

कलियासोत व केरवा डैम क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि कलियासोत और केरवा डैम से 33 मीटर दूरी पर मुनारें लगाई जाएंगी। इससे वहां किए अवैध निमार्णों की संख्या और आकार स्पष्ट हो जाएगा। इससे पहले कलेक्टर को बताया गया कि कलियासोत में एफटीएल की थोड़ी-बहुत मुनारें तो मिल रही है, लेकिन केरवा में कोई मुनारें नहीं है। इससे पहले संबंधित विभागों ने वेटलैंड को लेकर अपने द्वारा बताए गए काम और उसमें आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी। डीफओ आलोक पाठक ने बताया कि बाघ प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा की व्यवस्था के इंतजाम करना चाहिए।

बड़े तालाब के 50 मीटर बाहर कराई जाएगी फेंसिंग

इसमें बताया गया कि भोपाल जिले में 125 वेटलैंड चिन्हित हैं, जिनमें 19 वेटलैंड भोपाल शहर में स्थित हैं। बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल से 50 मीटर तक नो कंस्ट्रक्शन जोन है। बड़ा तालाब 31 वर्गकिमी से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसके जलभराव क्षेत्र के साथ कैचमेंट एरिया में कुछ निर्माण हो गए हैं। इनकी संख्या और न बढ़े, इसके चलते वन विभाग पिछले कुछ साल में तालाब के आसपास 18 लाख पौधे लगा चुका है। अब फेंसिंग कराना शुरू कर दी है अब नो कंस्ट्रक्शन जोन में किसी तरह का अतिक्रमण न हो या फिर मलबा न फेंका जाए, इसके लिए 50 मीटर के बाहर फेंसिंग कराई जा रही है।

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