दस्तक देने लगे ठंड, रात के तापमान में गिरावट, मानसून की विदाई के बीच मौसम विभाग अलर्ट

दस्तक देने लगे ठंड, रात के तापमान में गिरावट, मानसून की विदाई के बीच मौसम विभाग अलर्ट
भोपाल: मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों से मानसून रवाना हो चुका है। इस बीच, प्रदेश में बेमौसम बारिश की गतिविधि जारी है। गुरुवार को बैतूल, सिवनी सहित कुछ जिलों में पानी भी गिरा, वहीं कुछ जिलों में बूंदाबांदी हुई। बंगाल की खाड़ी में गहरा कम दबाव का क्षेत्र बनने और राजस्थान पर प्रति चक्रवात मौजूद होने के कारण मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव आ रहा है। देश के अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो रही है। मौसम विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में जबलपुर, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान जताया है।

रात के तापमान में गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार शेष जिलों में नमी कम होने के कारण रात के तापमान में गिरावट आने लगी है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 18 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में 18.2 ग्वालियर में 18.9 भोपाल में 21.2 रीवा में 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश के पांच शहरों राजगढ़, ग्वालियर, नौगांव, खजुराहो और रीवा में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सिवनी में दो मिलीमीटर बारिश हुई।

शुक्रवार को बारिश की संभावना


बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव का क्षेत्र शुक्रवार तक कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है, इसके प्रभाव से इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो रही है। इस तरह की स्थिति अभी दो दिन तक और बनी रह सकती है। प्रदेश में अधिकतम तापमान की बात करें तो गुना में 36.8 ग्वालियर में 35.5 भोपाल में 32.5 नर्मदापुरम में 34.6 रतलाम में 33.6 उज्जैन में 33.5 जबलपुर में 32.1 खजुराहो में 35.4 नौगांव में 36 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ सिवनी में 2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है।

यहां बारिश की संभावना


मौसम विभाग ने हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने की अनुमान जारी किया है। वहीं बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और पांढुर्णा जिलों में वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं।
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