प्रेस कॉन्फ्रेंस में मयंक ने कहा कि CJP केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि ‘Gen-Z’ की प्राथमिकताओं पर आधारित युवा आंदोलन है। यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के विरोध का मंच नहीं, बल्कि उस शिथिल सिस्टम के खिलाफ आवाज है, जिसने युवाओं का भरोसा तोड़ा है।
युवा सवाल उठाते हैं, तो दबाने की कोशिश होती है
उन्होंने आरोप लगाया कि जब पेपर लीक जैसे मामलों पर युवा सवाल उठाते हैं, तब उनकी आवाज दबाने और सोशल मीडिया अकाउंट्स तक बैन करने की कोशिश होती है। अब सरकारी संस्थान अपनी नैतिक जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते।
मयंक ने बताया कि जल्द ही मध्य प्रदेश की कोर कमेटी घोषित की जाएगी। विदेशी फॉलोअर्स और पाकिस्तानी अकाउंट्स से जुड़े आरोपों को “सरकारी दुष्प्रचार” बताया। उनका कहना था कि आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दीपके के मार्गदर्शन में प्रदेश में अभियान की शुरुआत की गई है।











