दरअसल, कुछ दिनों पहले नई दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में पोस्टेड प्रदेश के कर्मचारियों के होम रेंट अलाउंस की रेट को 10 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है। वहीं, 12 साल पहले 2012 में राज्य वेतन आयोग की अनुंशसा पर एमपी में गृह भाड़ा भत्ते (एचआरए) की दर में संशोधन किया था। उस दौरान वित्त सचिव मनीष रस्तोगी थे। वे अब विभाग के प्रमुख सचिव हैं।
12 सालों से नहीं बढ़े भत्ते
पहले भी कर्मचारी कर चुके हैं मांग
सभी वर्ग के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
अधिकारियों के अनुसार कर्मचारियों का गृह भाड़ा भत्ता वित्त विभाग ने साल 2012 में बढ़ाया गया था। इसमें 2001 की जनगणना के आधार पर वेतन बैंड में वेतन और ग्रेड वेतन के योग के आधार पर प्रतिशत निर्धारित किया गया था।











