भोपाल। मध्य प्रदेश में आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई पूरी नहीं कर पाने वाले श्रमिकों के बच्चों को अब फीस की चिंता नहीं होगी। शिवराज सरकार द्वारा ऐसे बच्चों को स्कालरशिप दी जाएगी। दरअसल, प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने और उन्हे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए शिवराज सरकार द्वारा श्रम कल्याण शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा पांचवी लेकर उच्च शिक्षा तक स्कालरशिप दी जाती है।
क्या है योजना का उद्देश्य?
- इस योजना के संचालन को लेकर राज्य सरकार का मानना है कि इससे ये लाभ होंगेइस योजना के कारण प्रदेश की बेरोजगारी दर में कमी आएगी
- योजना के संचालन से सभी बच्चों को बुनियादी शिक्षा मिल सकेगी
- प्रदेश सरकार द्वारा बच्चों को श्रम कल्याण शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, ऐसे में बच्चों को शिक्षा के लिए किसी और पर निर्भर नहीं होना होगा
- किन्हे मिलेगा योजना का लाभ?
- इन विषयों की पढ़ाई करने वाले बच्चों को योजना का लाभ दिया जाएगा
- कक्षा 5वीं से 12वीग्रेजुएशन
पोस्ट ग्रेजुएशन
आईटीआई
पॉलिटेक्निक
पीजीडीसीए
डीसीए (कंप्यूटर कोर्स)
बीई
क्या है पात्रता?
आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी हो
आवेदक के माता-पिता श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1982 के तहत मध्य प्रदेश में स्थापित किसी फैक्ट्री या संस्थान में कार्यरत हो
एक परिवार के सिर्फ 2 बच्चों को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा
संस्थानों में कार्यरत प्रबंधकीय क्षमता वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा
कैसी होगी आवेदन प्रक्रिया?
स्कालरशिप के लिए प्रक्रिया आनलाइन होगी
आवेदकों को श्रमिक कल्याण बोर्ड के आधिकारिक छात्रवृत्ति पोर्टल http://scholarshipportal.mp.nic.in/ShramKalyan/Pages/about.aspx पर जाना होगा
यहां से आवेदक आनलाइन फार्म भर सकेंगे
आवेदन के दौरान छात्र को अपने माता/पिता का आधार नंबर देना होगा
योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को निर्धारित सीमा में आवेदन करना होगा
आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड
बैंक खाता विवरण
मार्कशीट
राशन कार्ड
निवास प्रमाण पत्र
आय का प्रमाण।
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर











