जानकारी के मुताबिक, मरावी क्लिनिक का संचालक देवशंकर मरावी है, जो शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा में क्लर्क पद पर कार्यरत हैं। कलेक्टर अवनीश शरण ने इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
कोटा एसडीएम युगल किशोर उर्वशा के नेतृत्व में राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापामार शैली में दबिश देकर कार्रवाई की है। कोटा में गुरुद्वारा के पीछे संचालित मरावी क्लिनिक और महाशक्ति चौक में संचालित विश्वास क्लिनिक की जांच की गई। दोनों ही क्लिनिक में भारी मात्रा में एलोपैथी दवाइयां और इंजेक्शन पाए गए। मौके पर जांच के दौरान मरीजों की लंबी कतार देखी गई। विश्वास क्लिनिक में इलाज कराने आए धनरास के ग्रामीण विशंभर सिंह को कुल 713 रुपए की दवाई देकर 1300 रुपए वसूला गया, जिसे तहसीलदार ने वापस कराया।
