जबलपुर में भारी बारिश के आसार, भोपाल, उज्जैन, सागर, शहडोल में भी पड़ सकती हैं तेज बौछारें

जबलपुर में भारी बारिश के आसार, भोपाल, उज्जैन, सागर, शहडोल में भी पड़ सकती हैं तेज बौछारें
भोपाल। मानसून द्रोणिका मध्य प्रदेश से होकर जा रही है। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात भी कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा होने का सिलसिला अभी बना रहेगा। बुधवार-गुरुवार को जबलपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। भोपाल, उज्जैन, सागर, शहडोल संभाग के जिलों में तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। शेष क्षेत्रों में हल्की वर्षा होगी।

इन इलाकों में हुई बारिश

उधर पिछले 24 घंटों के दौरान बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक उमरिया में 65.4, शिवपुरी में 13.2, भोपाल (शहर) में 11.8,पचमढ़ी में 9.8, भोपाल (एयरपोर्ट) में 9.6, सतना में 3.7,नरसिंहपुर में दो, सागर में 1.7,रायसेन में 1.2, टीकमगढ़़ में एक, गुना में 0.8, ग्वालियर में 0.1, मंडला में 0.1 मिलीमीटर वर्षा हुई।

ये मौसम प्रणालियां सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। इस चक्रवात से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश से होकर झारखंड, उत्तरी ओडिशा से बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है। मानसून द्रोणिका भी जैसलमेर, कोटा, गुना, सतना, अंबिकापुर, चाईबासा, बालासोर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अतिरिक्त बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात कम दबाव का क्षेत्र बन गया है।

बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र गुरुवार को गहरे कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। उधर मानसून द्रोणिका के लगातार मप्र में बने रहने के कारण रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। बता दें कि इस सीजन में एक जून से लेकर बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मप्र में कुल 772.8 मिमी. वर्षा हुई है। जो सामान्य वर्षा (880.2 मिमी.) की तुलना में 12 प्रतिशत कम है। 21 जिलों में सामान्य से 20 से लेकर 38 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है।

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