हमारे सहयोगी अखबर टाइम्स ऑफ इंडिया से उन्होंने कहा- मैं उत्सुक हूं। मैंने इसके बारे में कभी नहीं सोचा। मैं किसी भी अंतरराष्ट्रीय कोच का बहुत सम्मान करता हूं, क्योंकि मैं दबाव को समझता हूं, लेकिन भारतीय टीम को कोचिंग देना एक असाधारण भूमिका होगी। मैंने इस देश में जितनी प्रतिभा देखी है, उसके आधार पर यह रोमांचक होगा। बता दें कि बीसीसीआई सचिव जय शाह ने स्पष्ट कर दिया था कि अगर द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में बने रहना चाहते हैं तो उन्हें अन्य सभी आवेदकों की तरह आवेदन करना होगा और चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। हालांकि, ऐसा होना असंभव लगता है।
राहुल द्रविड़ एक्सटेंशन नहीं चाहते हैं, ऐसे में खुला गेम है
पिछले साल वनडे विश्व कप के बाद जब उनका अनुबंध समाप्त हुआ था, तब भी द्रविड़ पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं थे। उन्हें और उनके पूरे सहयोगी स्टाफ को एक्सटेंशन दिया गया था, यह देखते हुए कि उस समय टी20 विश्व कप मुश्किल से सात-आठ महीने दूर था। शाह ने विदेशी कोच की नियुक्ति की संभावना का भी संकेत दिया। भारतीय क्रिकेट के आखिरी विदेशी कोच डंकन फ्लेचर थे। 2014 में उनके पद से हटने के बाद से भारत को तीन पूर्णकालिक मुख्य कोच (सभी पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बड़े नाम) देसी मिले हैं - अनिल कुंबले, रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़।
पिछले साल वनडे विश्व कप के बाद जब उनका अनुबंध समाप्त हुआ था, तब भी द्रविड़ पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं थे। उन्हें और उनके पूरे सहयोगी स्टाफ को एक्सटेंशन दिया गया था, यह देखते हुए कि उस समय टी20 विश्व कप मुश्किल से सात-आठ महीने दूर था। शाह ने विदेशी कोच की नियुक्ति की संभावना का भी संकेत दिया। भारतीय क्रिकेट के आखिरी विदेशी कोच डंकन फ्लेचर थे। 2014 में उनके पद से हटने के बाद से भारत को तीन पूर्णकालिक मुख्य कोच (सभी पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बड़े नाम) देसी मिले हैं - अनिल कुंबले, रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़।











