भोपाल। कई विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए गए फोन टैपिंग की कोशिश के आरोप पर केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एपल ने ही स्पष्टीकरण जारी कर दिया है कि जिस तरह का आरोप लगाया जा रहा है। वैसा कुछ नहीं है। एपल द्वारा 150 देशों में इस तरह की एडवाइजरी जारी की गई है। कुछ लोगों को केवल आलोचना की आदत है।
जो लोग देश की प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं, वे ध्यान भटकाने वाली राजनीति कर रहे हैं। ऐसे लोगों की कोशिश है कि जिस तरह से भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में अपना नाम कमा रहा है, वह धूमिल हो और उस प्रगति से लोगों का ध्यान भटकाया जाए।
बता दें, कई विपक्ष के कई सांसदों ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा था कि फोन निर्माता एपल कंपनी की ओर से चेतावनी संदेश मिले हैं, जिसमें चेताया गया था कि स्टेट-स्पांसर, अटैकर्स उनके आइ-फोन और दूसरी इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जासूसी कर रहे हैं।
अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को मीडिया से चर्चा में कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है। जांच शुरू हो चुकी है। इस मुद्दे पर एपल द्वारा दी गई जानकारी अस्पष्ट और गैर-विशिष्ट प्रकृति की लगती है। एपल का कहना है कि ये सूचनाएं शायद उन सूचनाओं पर आधारित हैं जो 'अधूरी या अपूर्ण' हैं।
एपल ने यह भी दावा किया है कि एपल आइडी उपकरणों पर सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्टेड हैं, जिससे उपयोगकर्ता की स्पष्ट अनुमति के बिना उन तक पहुंच या पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है। यह एन्क्रिप्शन उपयोगकर्ता की एपल आइडी की सुरक्षा करता है।
यह सुनिश्चित करता है कि यह निजी और संरक्षित रहे। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत सरकार सभी नागरिकों की गोपनीयता और सुरक्षा को गंभीरता से लेती है। वह इन अधिसूचनाओं की तह तक जाने के लिए जांच कर रही है।











