भोपाल। माता मंदिर के पास राहुल नगर फेस-1 के पास निर्माण एजेंसी ने सीमेंट-कांक्रीट मिक्सर प्लांट लगाया है। इसकी न तो नगर निगम और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति ली गई। अब आबादी के बीच इस प्लांट के शुरु होने से आसपास के 500 परिवारों का प्रदूषण का डर सता रहा है। वहीं इस मामले में शिकायतकर्ता राशिद नूर खान ने नगर निगम आयुक्त और पीसीबी में शिकायत की है। इसके बावजूद निगम अधिकारी कार्रवाई की बजाय चुप्पी साधे हैं।
प्लांट के आसपास घनी आबादी
बता दें कि शहर के अलग-अलग स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्य के लिए कंस्ट्रक्शन कंपनियों को अपने बैचिंग प्लांट लगाने पड़ते है, लेकिन प्रदूषण को देखते हुए कंपनियां बैचिंग प्लांट शहर से बाहर ही लगाती हैं। लेकिन यहां आबादी के बीच प्रोजेक्ट साइट पर ही कंपनी सीमेंट-कांक्रीट मिक्सर प्लांट लगा रही है। यही नहीं, इसके लिए कंपनी ने प्लांट को लगाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की परमिशन नहीं ली है। यह प्लांट माता मंदिर स्थित जिस जगह पर लगाया जा रहा है उसके आसपास घनी आबादी है। प्लांट से बिल्कुल सटी हुई राहुल नगर फेस-1 कालोनी है, जबकि पास में ही रिविएरा टाउनशिप का कैंपस है। इसमें आइएएस अधिकारियों सहित मंत्री, विधायकों और सांसदों के बंगले हैं।
पीसीबी, नगर निगम में शिकायत
पर्यावरणकर्ता राशिद नूर खान ने रिहायशी इलाके में बिना अनुमति प्लांट लगाने की शिकायत पीसीबी से की है। साथ ही बैचिंग प्लांट से होने वाले प्रदूषण और उसके दुष्प्रभावों के मद्देनजर प्लांट को अनुमति न देते हुए रिहायशी इलाके से बाहर शिफ्ट करने की मांग की है। वहीं नगर निगम आयुक्त से भी शिकायत की है।
पर्यावरण नियमों का उल्लंघन
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 6 के अधीन भी ध्वनि प्रदूषण सहित वायु प्रदूषण तथा जल प्रदूषण के लिहाज से नियमों का उलंघन माना जाएगा। ऐसे में अनुमति के विरुद्ध लगाए जा रहे सीमेंट मिक्सर प्लांट को रहवासीय क्षेत्र से कही और शिफ्ट किया जाए।
इनका कहना
राहुल नगर फेस-1 के पास निर्माण एजेंसी द्वारा सीमेंट-कांक्रीट मिक्सर प्लांट लगाया जा रहा है। इसमें नियमों का पालन हो रहा है। वहीं संबंधित एजेंसी ने अनुमति के लिए पीसीबी में भी आवेदन किया है।











