मोहन सरकार का दूसरा बजट 12 मार्च को पेश होने वाला है। इसमें सरकार किसानों, युवाओं और महिलाओं को खुश होने का मौका दे सकती है। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के अलावा कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते का प्रावधान बजट में किए जाने की संभावना है। किसानों के लिए खास तौर पर ‘सोलर पंप स्कीम’ आने वाली है, जिसमें पांच हार्स पॉवर के पंप के लिए किसानों को सिर्फ 10% पैसा ही देना होगा।
केंद्र सरकार की सब्सिडी 30% है, जबकि बाकी का 60% पैसा किसान बतौर कर्ज राज्य सरकार की गारंटी पर ले सकेगा। यह स्कीम 2025-26 के लिए होगा, जिसका 2 लाख किसानों को सीधा फायदा हो सकता है। लाड़ली बहना की राशि पूर्ववत रखी जा सकती है। मोहन सरकार का बजट इस बार 4 लाख करोड़ से अधिक होने की संभावना है। इसमें कैपिटल एक्सपेंडिचर का पैसा भी बढ़ेगा।
जनजातीय आबादी को साधने के लिए ‘धरती आबा’ योजना
1. इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए
पीडब्ल्यूडी को 10 हजार करोड़ से अधिक मिलेंगे। इसमें 2 हजार करोड़ माननीयों के सिफारिशी काम के लिए होंगे। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे को 1370 करोड़, उज्जैन-जावरा को 2000 करोड़।
2. धरती शहरों से जनजातीय को जोड़ेंगे : ‘धरती आबा’ जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का जिक्र बजट में हो सकता है। इसके जरिए सरकार आदिवासी वर्ग के सामाजिक-आर्थिक उत्थान, बुनियादी ढांचे का सुधार, स्वास्थ्य और शिक्षा पर काम करेगी। उनकी आजीविका को भी बढ़ाएगी।
3. युवाओं के लिए
उज्जैन, रीवा और इंदौर में नया आईटी पार्क खुल सकता है। 22 नए आईटीआई का जिक्र संभावित। हर जिले में स्टेडियम होगा। 80 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों का जिक्र वित्तमंत्री कर सकते हैं।
4. नदी जोड़ो के लिए
केन-बेतवा, पीकेसी और ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के लिए इस बार के बजट में प्रावधान हो सकता है। राजस्थान सरकार ने अपने बजट में ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना के लिए 19,300 करोड़ रखे हैं।
5. गरीबों के लिए
प्रदेश में गरीबों के लिए 6.30 लाख आवास बनेंगे। शहरों में 1.50 लाख, गांवों में 4 लाख और जनमन योजना में 80 हजार आवास बनेंगे। बजट में ऐलान संभावित है।
6. कर्मचारियों के लिए
बजट में 14% महंगाई भत्ते का प्रावधान हो सकता है। अभी 50% महंगाई भत्ता है, जबकि केंद्र 53% दे रहा है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए किया गया यह प्रावधान आगे होने वाली बढ़ोत्तरियों को पूरा करेगा।
7. किसानों के लिए
धान पर प्रति हैक्टेयर 4 हजार रु., गेहूं पर प्रति क्विंटल 175 रु. प्रोत्साहन राशि दी जा सकती है। दुग्ध उत्पादन पर प्रति लीटर 5 रुपए प्रोत्साहन राशि की घोषणा हो सकती है।











