बीयू के विद्यार्थी विभिन्न मांगों को लेकर एनएससयूआई के साथ कुलपति का घेराव करेंगे

बीयू के विद्यार्थी विभिन्न मांगों को लेकर एनएससयूआई के साथ कुलपति का घेराव करेंगे

भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के छात्रावासों में सीनियर व जूनियर विद्यार्थियों को अलग-अलग रखने के कुलपति के आदेश को विद्यार्थी मानने को तैयार नहीं हैं। जब विद्यार्थी इस आदेश को नहीं मानें तो विवि प्रशासन ने उनके मेस और पानी सप्लाई को बंद कर दिया है। इसके अलावा शनिवार की रात को जवाहर छात्रावास में आग लगने की बात भी सामने आई है।

विद्यार्थियों ने कहा कि रात भर बिजली गुल रही, लेकिन प्रशासन कोई ध्यान नहीं देता है। छात्रावास की सभी सुविधाओं को बंद कर दिया गया है तो राशि किस बात की जमा करेंगे। अब इससे परेशान होकर मुंशी प्रेमचंद और जवाहर छात्रावास में रहने वाले करीब 200 विद्यार्थी एनएसयूआई के नेतृत्व में आज दोपहर 12 बजे सेंट्रल लायब्रेरी से सत्य भवन तक पद यात्रा करते हुए कुलपति का घेराव करेंगे।

बता दें, कि शुक्रवार की रात 10 बजे कुलपति एस के जैन के बंगले का घेराव करने विद्यार्थी पहुंचें थे । कुलपति विद्यार्थियों से नहीं मिलें। इसे लेकर विद्यार्थियों ने खूब हंगामा किया। विद्यार्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से कुलपति से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुलपति उनसे मुलाकात नहीं कर रहे हैं। जिसके बाद शुक्रवार से ही मेस का संचालन बंद कर दिया गया है। विवि के जवाहर और मुंशी प्रेमचंद छात्रावास के विद्यार्थी आज विरोध प्रदर्शन करेंगे।

अलग-अलग छात्रावास में नहीं रहना चाहते हैं विद्यार्थी

विद्यार्थियों ने बताया कि जवाहर छात्रावास में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों और मुंशी प्रेमचंद छात्रावास में सेकेंड, थर्ड और फज्ञइनल ईयर के विद्यार्थियों को रहने का आदेश कुलपति ने दिया है। लेकिन हमलोग पहले की तरह ही रहना चाहते हैं और इस बात को कुलपति से मिलकर रखना चाहते हैं, लेकिन कुलपति मिलते नहीं हैं। विद्यार्थी इंदौर सिंह व हर्षित कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह से ही विवि प्रशासन ने मेस बंद कर दिया है और पानी की सप्लाई भी बंद कर दी है। ऐसे में विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। कुछ विद्यार्थी परेशान होकर अपने-अपने घर जाने के लिए मजबूर हैं।

विद्यार्थियों ने राशि जमा नहीं की है

विवि प्रशासन का कहना है कि छात्रावास में जूनियर व सीनियर विद्यार्थियों को अलग-अलग छात्रावास में रहने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन विद्यार्थी आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने छात्रावास में रहने और खाने की राशि भी जमा नहीं की है। इस कारण मेस को बंद करना पड़ा।

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