इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के सर पीसी बनर्जी हॉस्टल में बुधवार शाम कमरा नंबर 68 में बम फटा। इस धमाके से पीसीबी के पूर्व छात्र प्रभात यादव की हथेली उड़ गई। उसके चेहरे और शरीर पर भी चोट आई है। एक और छात्र घायल हो गया है, लेकिन वह सामने नहीं आया है। पुलिस का मानना है कि हादसे के वक्त छात्र देशी बम में सुतली बांध रहे थे। तभी बम फट गया।
धमाका इतना तेज था कि दरवाजे की खिड़की टूट गई। दीवार का प्लास्टर उखड़ गया। धमाके की आवाज सुनकर दूसरे कमरों के छात्र दौड़े। 68 नंबर कमरे का मंजर देखकर वह सहम गए। यह कमरा दूसरे छात्रों के नाम पर अलॉट था। इसमें प्रभात और प्रत्यूष रह रहे थे।
छात्र की हालत गंभीर
पीसी बनर्सी हॉस्टल के अधीक्षक सुजीत कुमार की तहरीर पर पुलिस ने प्रभात और प्रत्यूष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। फिलहाल प्रभात यादव को स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
दीवार और खिड़की से चिपके थे मांस से लोथड़े
PCB हॉस्टल के कमरा नंबर 68 में जब पुलिस और यूनिवर्सिटी के अधिकारी पहुंचे तो वहां का दृश्य भयावह था। धमाके से दरवाजे का शीशा टूट गया था। खिड़की, दरवाजे और दीवारों पर मांस के लोथड़े चिपके थे। सामान बिखरा पड़ा था। किताबें फट गई थीं। कोई भी सामान अपनी जगह पर सुरक्षित नहीं बचा था।
पुलिस के पहुंचने से पहले कमरा धो दिया
ACP राजेश यादव ने बताया, जब फोरेंसिक जांच टीम वहां पहुंची तो सबूत मिटाने के लिए कमरे को धो दिया गया था। यह जांच का विषय है कि जब दोनों छात्र अपने कमरे में नहीं थे तो प्रभात कुमार यादव उस कमरे में कैसे पहुंचा? वह पीसीबी हॉस्टल का छात्र भी नहीं है। CCTV खंगाला जाएगा।
पीसी बनर्सी और हॉलैंड हॉल के छात्र गुटों में दिन में हुई थी झड़प
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को दिन में ही पीसीबी और हालैंड हॉल छात्रावास के कुछ छात्रों में झगड़ा हुआ था। बदला लेने के लिए हॉस्टल के कमरे में बम बनाया जा रहा था। तभी बुधवार की शाम 5 बजकर 10 मिनट पर कमरे में जोरदार धमाका हुआ।
आसपास के कमरों में रहने वाले छात्र मौके पर पहुंचे तो देखा कि पूरे कमरे में धुंआ भरा था। धमाके में प्रभात यादव बुरी तरह से घायल हो गया था। उसके सीने, चेहरे व शरीर के अन्य अंग बुरी तरह से झुलस गए थे।
प्रत्यूष भी धमाके में घायल हुआ है। हालांकि वह मौके से फरार हो गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस को सूचना देकर छात्र प्रभात को बेली अस्पताल लेकर गए। जहां अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी।
पीसी बनर्सी और हॉलैंड हॉल के छात्र गुटों में दिन में हुई थी झड़प
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को दिन में ही पीसीबी और हालैंड हॉल छात्रावास के कुछ छात्रों में झगड़ा हुआ था। बदला लेने के लिए हॉस्टल के कमरे में बम बनाया जा रहा था। तभी बुधवार की शाम 5 बजकर 10 मिनट पर कमरे में जोरदार धमाका हुआ।
आसपास के कमरों में रहने वाले छात्र मौके पर पहुंचे तो देखा कि पूरे कमरे में धुंआ भरा था। धमाके में प्रभात यादव बुरी तरह से घायल हो गया था। उसके सीने, चेहरे व शरीर के अन्य अंग बुरी तरह से झुलस गए थे।
प्रत्यूष भी धमाके में घायल हुआ है। हालांकि वह मौके से फरार हो गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस को सूचना देकर छात्र प्रभात को बेली अस्पताल लेकर गए। जहां अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी।
हॉस्टलों में छापे के लिए नहीं मिली पुलिस
प्रयागराज यूनिवर्सिटी के छात्रावास में अवैध रूप से छात्र कब्जा किए हुए हैं। कमरा खाली कराने के नाम पर टीचर्स को ही धमकी देते हैं। यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके सिंह ने बताया, यूनिवर्सिटी ने 4 बार पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर छात्रावास खाली कराने के लिए फोर्स मांगी, लेकिन फोर्स नहीं मिली। ऐसे में हम सख्त कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। छात्रावासों में आपराधिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
4 दिसंबर को भी आधी रात जीएन झा हॉस्टल और एसएसएल हॉस्टल के छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। दोनों तरफ से गोली और बम चले थे। जमकर पत्थरबाजी भी हुई थी। इस घटना के बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश सिंह ने 6 दिसंबर को पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर हॉस्टलों में अभियान चलाने के लिए पुलिस फोर्स मांगी थी। पत्र के माध्यम से चीफ प्रॉक्टर ने कहा था कि ऐसी गतिविधियों के बढ़ने से छात्रावासों में किसी भी दिन बड़ी घटना हो सकती है। मगर, पुलिस न मिलने से छात्रावास नहीं खाली कराए जा सका।
ACP राजेश यादव ने बताया, विशाल से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल प्रथम दृष्टया प्रभात और प्रत्यूष कमरे में बम बना रहे थे। उसी समय धमाका हो गया। जांच की जा रही है कि छात्रों के पास बम बनाने का सामान कहां से आया।
कबड्डी का नेशनल प्लेयर और विश्वविद्यालय टीम का कैप्टन रहा है प्रभात
चीफ प्रॉक्टर डॉ राकेश सिंह ने बताया, प्रभात यादव गाजीपुर के भटुअला गांव का रहने वाला है। वह एमए मध्यकालीन इतिहास विभाग का छात्र है। PCB छात्रावास के छात्रों ने बताया, वह पढ़ने में काफी अच्छा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कबड्डी टीम का लगातार दो बार से कैप्टन है। नेशनल भी खेला है।











