यूनिट इन्चार्ज का कहना है कि ओवरहीटिंग के चलते हादसा हुआ। प्रबंधन से कई बार AC लगाने का कहा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मृतकों की पहचान रांची के संजीव कुमार केसरी (50), बोकारो के जगेश्वर बिहार के विनीत महतो (25) और गढ़वा निवासी अभिषेक पांडेय (24) के रूप में हुई है। घायल मजदूर तरुण रजवार को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।
ग्रामीणों की मांग- मृतकों के आश्रितों को मुआवजा, नौकरी दें
ब्लास्ट और आग लगने की सूचना मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद रामगढ़ से चार-पांच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद फैक्ट्री के पावर प्लांट में लगी आग पर काबू पाया। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार सुबह स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में फैक्ट्री के सामने इकट्ठा हुए। ग्रामीणों ने हादसे में मारे गए कर्मचारियों के आश्रितों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
ग्रामीण फैक्ट्री गेट जाम करने की तैयारी में हैं। तीनों के शव वापस फैक्ट्री के पास लाया जा रहा है। घटना को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। लोगों में फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी है।
यूनिट इन्चार्ज बोले- ओवरहीटिंग के चलते हादसा हुआ
फैक्ट्री के पावर प्लांट यूनिट के इन्चार्ज अनुराग त्रिपाठी ने हादसे के लिए प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। अनुराग ने आरोप लगाया कि प्लांट में तापमान बढ़ने और ओवरहीटिंग के कारण यह हादसा हुआ। टेम्परेचर कंट्रोल करने के लिए मैनेजमेंट से एसी लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। अगर समय रहते तापमान नियंत्रण की व्यवस्था की जाती तो हादसे को टाला जा सकता था।
फैक्ट्री में काम करने वाले अशोक गोराई ने बताया, ‘टरबाइन की मदद से बिजली पैदा की जाती है। यहीं से पावर सप्लाई होती है। इस वजह से यहां टेंपरेचर ज्यादा रहता है। जिसे ठंडा रखा जाता है। इसी को देखभाल करने के लिए इंजीनियर होते हैं। लेकिन यहां AC नहीं था। यह प्रबंधन की लापरवाही है।’
हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस और फैक्ट्री प्रबंधन घटना के कारणों की जानकारी जुटा रहे हैं। हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
