चुनाव में भाजपा की जीत के बाद क्या मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे? इस पर तोमर ने सिर्फ इतना कहा कि अब भी शिवराज सिंह मुख्यमंत्री हैं। इसके निर्णय का अधिकार संसदीय फोरम के पास है। उनसे पूछा गया कि अभी तक चुनाव के पहले शिवराज सिंह चौहान यात्रा निकालते थे, अब संगठन निकाल रहा है। क्या जनता का आशीर्वाद कम हो गया है। तोमर बोले कि पार्टी में सामूहिक नेतृत्व है, पर श्रेष्ठता शिवराज जी की है, क्योंकि वह सीएम हैं। वह भी हर दिन यात्राओं में शामिल होंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में आए कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सिंधिया हमारे नेता हैं, पार्टी में उनके आने से हमारी ताकत बढ़ी है।
तोमर से पूछे गए प्रश्न और उनका उत्तर
प्रश्न - हाल में उम्मीदवारों की घोषणा से असंतोष है। आगे और बढ़ेगा तो कैसे रोकेंगे?
उत्तर - भाजपा बड़ा दल है। एक जगह कई लोग क्षमता रखते हैं, पर चयन एक का ही होता है। कई बार लोगों में मतभेद होता हैं। हम बैठकर उसे सुलझा लेंगे। कोई दिक्कत नहीं आएगी।
प्रश्न - चुनाव जीतने के लिए रेवड़ी बांटी जा रही है, क्या यह ठीक है?
उत्तर - पार्टी समझती है कि गरीब, दलित, महिला समेत सभी के जीवन में समरसता आनी चाहिए। इसके लिए सरकार को सहायता करनी चाहिए। भाजपा विकास को लेकर ही जनता के बीच जाती है।
प्रश्न - शिवराज जी ने जब इतना विकास किया है तो मुख्यमंत्री के रूप में उनका चेहरा सामने करने में संशय क्यों?
उत्तर - वह हमारे नेतृत्व भी हैं और नेता भी।
प्रश्न - 2018 में भी आप चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष थे, विकास भी हुआ था, पर सरकार नहीं बन पाई?
उत्तर - हर चुनाव की परिस्थिति अलग होती है। पिछली बार भी हमें वोट ज्यादा मिले थे, पर सरकार नहीं बन पाई थी। कुछ सीटों पर हम कम अंतर से चुनाव हार गए थे। इस बार उन सीटों पर नजर रख रहे हैं।
प्रश्न - अभी तक हर चुनाव में आप दूल्हा लेकर निकलते थे, पर इस बार कोई नहीं है, ऐसी क्या मजबूरी है?
उत्तर - कुछ चीजें हम तय करते हैं, कुछ अध्यक्ष, सामूहिक स्तर पर पार्टी पार्लियामेंट्री बोर्ड में तय करती है।
प्रश्न - क्या भाजपा प्रदेश में किसी मुसलमान को टिकट देगी?
उत्तर - भाजपा सबका साथ और सबका विकास की अवधारणा से चलती है। टिकट देने का निर्णय उस क्षेत्र की परिस्थिति से निर्धारित होता है।
कार्यकर्ता महाकुंभ में आएंगे 10 लाख लोग, आ सकते हैं पीएम मोदी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जनता का आशीर्वाद लेने के लिए भाजपा अंचलवार पांच जन आशीर्वाद यात्राएं निकालने जा रही हैं। पहली यात्रा तीन सितंबर को विंध्य क्षेत्र के चित्रकूट से शुरू होगी। शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। दूसरी महाकोशल क्षेत्र के मंडला से पांच सितंबर को शुरू होगी। इसका भी शुभारंभ अमित शाह ही करेंगे।
तीसरी चार सितंबर से खंडवा (मालवा क्षेत्र) से शुरू होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसे हरी झंडी दिखाएंगे। चौथी उज्जैन से चार सितंबर को ही प्रारंभ होगी, जिसका शुभारंभ भी राजनाथ सिंह करेंगे।
पांचवीं और अंतिम यात्रा ग्वालियर-चंबल संभाग के श्योपुर से छह सितंबर को शुरू होगी, जिसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा हरी झंडी दिखाएंगे। यात्रा का समापन 25 सितंबर को भोपाल में कार्यकर्ता महाकुंभ के साथ होगा। इसमें 10 लाख लोगों के शामिल होने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस कार्यक्रम में आने की पूरी उम्मीद है।
प्रमुख बातें
- 210 विधानसभाओं से गुजरेगी यात्रा।
- 10643 किलोमीटर की होगी यात्रा।
- 211 बड़ी जनसभाएं होंगी, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय नेता भी आएंगे।
- 678 रथसभाएं होंगी।
- 998 स्थानों पर स्वागत होगा।