नई दिल्ली। अरविंद ने रविवार को कार्यकर्ता सम्मेलन में एलान किया कि वे दो दिन बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं। इसलिए मैं जनता की अदालत में जाऊंगा।
साथ ही केजरीवाल ने कहा कि डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया भी अपना पद छोड़ रहे हैं। विधायक दल के नए नेता का जल्द चुनाव होगा और जिसे चुना जाएगा, वो दिल्ली के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालेगा।
केजरीवाल से एलान पर भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा की ओर से प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने सवाल उठाए कि केजरीवाल ने इस्तीफा देने के लिए दो दिन यानी 48 घंटे का समय क्यों किया? क्या आम आदमी पार्टी में कोई घमासान चल रहा है, जिसे दबाने के लिए केजरीवाल ने ऐसा किया?
दिल्ली में विधानसभा चुनाव जल्दी करवाने की केजरीवाल की मांग पर भाजपा ने कहा कि यह मांग किससे की जा रही है। आपकी पार्टी का विधानसभा में प्रचंड बहुमत है और कैबिनेट बुलाइये, प्रस्ताव पास कीजिए और विधानसभा भंग कर दीजिए। इसके लिए किसी से मांग क्यों करना?
अरविंद केजरीवाल के संबोधन की बड़ी बातें
- केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि मैंने जेल में रहते इस्तीफा नहीं दिया, क्योंकि मैं लोकतंत्र बचाना चाहता था। मैं दूसरे मुख्यमंत्रियों से भी कहूंगा कि आप भी भाजपा के झूठे केसों से डरकर इस्तीफा न दें।
- मैं दो दिन बाद अपना पद छोड़ दूंगा। दिल्ली में मेरी जगह कोई दूसरा नेता मुख्यमंत्री बनेगी। इसका फैसला विधायक दल की बैठक में होगा। मैं अब जनता की अदालत में जाऊंगा।
- मनीष सिसोदिया ने भी यही इच्छा जताई है। वो भी इस्तीफा दे देंगे। दिल्ली के विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी में होने हैं। हमारी मांग है कि ये चुनाव इसी साल कराए जाएं।
- इस साल नवंबर में महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव होने हैं। तभी दिल्ली के भी चुनाव करवाए जाएं। जनता से अपील है कि वो केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को एक बार फिर भारी मतों से विजयी बनाए।











