भोपाल। भाजपा का गढ़ कहे जाने वाली गोविंदपुरा विधानसभा सीट से कटकर वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद से हुजूर विधानसभा अस्तित्व में आई। तब से यहां बीते तीन चुनावों में भाजपा ने ही जीत का परचम लहराया है। अब इस मिथक को तोड़ने के लिए कांग्रेस भी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। भाजपा प्रत्याशी रामेश्वर शर्मा यहां के विकास के नाम पर वोट मांग करे हैं, तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी को बदलाव पर भरोसा है। वो मान रहे हैं कि जनता इस बार मन बदलेगी और इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा।
कोलार सिक्सलेन समेत कई विकास कार्य करवाए
बता दें कि हुजूर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले कोलार में केरवा डैम से पानी लाने, सीवेज नेटवर्क बिछाने और वर्तमान में चूनाभट्टी से गोल जोड़ तक बन रही 222 करोड़ रुपये की 22 किलोमीटर सिक्सलेन को लेकर रामेश्वर शर्मा जनता के बीच समर्थन मांग रहे हैं। वहीं, संत हिरदाराम नगर में फ्लाई ओवर, रेलवे ओवर ब्रिज, गुलाब उद्यान और भदभदा रोड से नीलबड़ फोरलेन निर्माण से भी आस लगा रहे हैं कि जनता विकास को समझकर वोट करेगी।
यहां रह गई कसर, जिसे भुनाने के चक्कर में ज्ञानचंदानी
हालांकि, शर्मा ने भले ही क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए हों, लेकिन अभी भी संत हिरदाराम नगर, कोलार, नीलबड़ व आसपास लगे गांवों की सड़कें और सीवेज सिस्टम ठीक नहीं हो पाया। ऐसे में नरेश ज्ञानचंदानी जनता की समस्याओं को लेकर भाजपा पर हमलावर हैं। उन्हें आस है कि जनता हो सकता है, एंटी इंकम्बेंसी के चक्कर में उनका साथ देगी।
रामेश्वर जीते तो बनाएंगे हैट्रिक
हुजूर जब गोविंदपुरा विधानसभा में आता था, तब यहां के विधायक (स्वर्गीय) बाबू लाल गौर थे। वो इस सीट से 1977 से जीत रहे थे, लेकिन वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद यहां से भाजपा ने जितेंद्र डागा को टिकट दिया। वो जीते भी, लेकिन वर्ष 2013 में भाजपा ने यहां उनका टिकट काटते हुए रामेश्वर शर्मा को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद वो वर्ष 2013 और 2018 में विधायक बने। अब एक बार फिर इस सीट से शर्मा मैदान में हैं। यदि जनता ने उन पर विश्वास जताया, तो रामेश्वर जीत की हैट्रिक लगाने में कामयाब हो जाएंगे।
डागा के साथ से मजबूत हुए ज्ञानचंदानी
वर्ष 2018 के चुनाव में नरेश ज्ञानचंदानी ने इस सीट से शर्मा को कड़ी टक्कर दी थी। 2013 में जहां कांग्रेस के राजेंद्र मंडलोई को शर्मा ने हुजूर विधानसभा में 59 हजार मतों से हराया था। वहीं ज्ञानचंदानी ने पिछले चुनाव में इस अंतर को 15 हजार तक पहुंचा दिया। अब इस बार ज्ञानचंदानी के समर्थन में पूर्व विधायक जितेंद्र डागा भी उतर गए हैं। पहले डागा ने निर्दलीय नामांकन भरा था, लेकिन शीर्ष नेतृत्व के समझाने के बाद वो कांग्रेस के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। क्षेत्र में उनका भी जनाधार है। इनके साथ आने से ज्ञानचंदानी को जीत की आस बढ़ गई है।
जातिगत समीकरण आसान करेंगे जीत की राह
हुजूर विधनसभा क्षेत्र में कुल मतदाता तीन लाख 70 हजार 348 हैं। इनमें संत हिरदाराम नगर, गांधी नगर सहित पूरे क्षेत्र में 35 हजार सिंधी मतदाता हैं। वहीं 28 हजार मीणा समाज, 30 हजार ब्राह्मण, 10 हजार मुस्लिम, 18 हजार राजपूत समाज सहित अन्य जाति-वर्ग के मतदाता हैं। कर्मचारियों-अधिकारियों से लेकर बड़ी संख्या में व्यापारी वर्ग इसी क्षेत्र में निवास करता है। ऐसे में दोनों ही प्रत्याशी जीत के लिए जातिगत समीकरण साधने में भी लगे हैं।











