भोपाल। सुगम लोक परिवहन और स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए ई-रिक्शा अब राजधानी की यातायात व्यवस्था के लिए नासूर बन गए हैं। ई-रिक्शा की सुस्त रफ्तार आए दिन सड़कों पर जाम का कारण बनती है, जिससे न सिर्फ आमजन का आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि आपात परिस्थितियों में एंबुलेंस और वीआईपी वाहन भी फंसे रहते हैं।
यातायात की इस गंभीर बन चुकी समस्या को लेकर बुधवार को भोपाल पुलिस आयुक्त कार्यालय में सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और नगरनिगम आयुक्त हरेंद्र नारयण समेत पुलिस-प्रशासन के उच्च अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान बारिश के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने को लेकर चर्चा की गई।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि शहर की सड़कों पर सुगम आवागमन के लिए 20 जून से प्रशासन, पुलिस और नगर निगम मिलकर अभियान चलाएंगे। शुक्रवार से शहर के मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा का संचालन बंद कर दिया जाएगा। ई-रिक्शा सिर्फ मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली कालोनियों में आवाजाही के लिए उपयोग किए जाएंगे। जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
नई व्यवस्था के तहत ई-रिक्शा का संचालन अब सिर्फ कालोनियों, गलियों और आवासीय क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। वे मुख्य मार्गों या व्यस्त चौराहों पर न तो सवारी उठा सकेंगे और न ही आवागमन कर पाएंगे। करीब एक सप्ताह इस व्यवस्था के संचालन के बाद 27 जून को होने वाली अगली बैठक में प्लान को प्रस्तुत किया जाएगा और ई-रिक्शा के संचालन के लिए विस्तृत नीति बनाई जाएगी।
अतिक्रमण हटाने बनेगा पुलिस, प्रशासन और निगम का दस्ता
अतिक्रमण हटाने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर अतिक्रमण दस्ता गठित किया जाएगा। जिसका प्रभारी एडीएम को बनाया जाएगा। पुलिस के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर, नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और संबंधित क्षेत्र के एसडीएम व पुलिस के एसीपी, थाना प्रभारी अतिक्रमण दस्ता में शामिल रहेंगे। इसके साथ ही दस्ते में मोबाइल कोर्ट और एक मजिस्ट्रेट भी शामिल होंगे।
इसके लिए नीति तैयार की जा रही है। बैठक में सांसद ने सड़क किनारे खड़े वाहनों की समस्या रखी थी, जिसको लेकर कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्र में ट्रेंचिंग यार्ड बनाकर कंडम वाहनों को सड़क से हटाएं। इसके लिए 20 जून से 15 दिन का अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
सांसद ने बताया कि फुटपाथ लोगों को चलने के लिए बनाए जाते हैं, जबकि इन पर सब्जी के ठेले, फल के ठेले और अन्य तरह के अतिक्रमण लोगों ने कर लिए हैं। इन्हें हटाया जाना चाहिए। जिससे कि यातायात सुगम बने। निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण ने कार्रवाई करने की बात कही।











