दरअसल, लोगों को भरोसा भी इसलिए हो गया क्योंकि यह कॉल उन ग्रामीणों को आए जो योजना के लाभार्थी हैं। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के नाम पर कुछ इसी तरह से साइबर ठग जालसाजी कर रहे हैं। कुछ ठगों ने कलेक्टर की फोटो की फर्जी आईडी बनाई है, ताकि लोगों को लगे कि वह सही में कलेक्टर ही हैं।
कलेक्टर की फोटो आईडी लगा कर रहे ठगी
क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांच
ऐसे हुआ खुलासा
ठगी के इस मामले का खुलासा जब हुआ तो जनपद स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को मैसेज किए गए हैं। जिसमें लिखा है- 'सभी सचिव और जीआरएस मेरे भेजे गए इन नंबरों को देख लें। यह फर्जी आईडी से संबल योजना की राशि डालने के लिए फोन करता है। कृपया कोई भी इस पर ध्यान न दें। तत्काल रिपोर्ट करने को कहें या पास के थाने में रिपोर्ट करें। किसी भी परिस्थिति में कोई राशि न डालें। यह कलेक्टर के नाम से फर्जी फोन करता है।
इस मामले पर कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने कहा है कि यह फर्जी आईडी है। ऐसे मामलों की शिकायत करें। रुपए कतई न दें। पात्र हितग्राहियों को संबल समेत अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।











