रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री ने सेंसर बोर्ड से पूछा है कि आखिर Oppenheimer के इस सीन को फिल्टर क्यों नहीं किया गया? यही नहीं, इसके साथ ही उन्होंने इस सीन पर तत्काल एक्शन लेते हुए इसे फिल्म से हटाने के लिए कहा है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में यह भी गया है कि Anurag Thakur की नाराजगी इस हद तक है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जल्द ही कोई कार्रवाई भी हो सकती है।
इधर विरोध, उधर तीन दिन में 'ओपेनहाइमर' ने कमाए 48.75 करोड़
Christopher Nolan की यह फिल्म दुनिया के सबसे पहले परमाणु बम बनाने वाले भौतिक विज्ञानी जे. रॉबर्ट ओपेनहाइमर की बायोपिक है। शुक्रवार को दुनियाभर में रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों से खूब सराहना मिल रही है। सिर्फ भारत में इस फिल्म ने तीन दिनों में 48.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है, जबकि वर्ल्डवाइड इसने 1430 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है। हालांकि, भारतीय दर्शकों का एक वर्ग सोशल मीडिया पर भी फिल्म के खिलाफ अभियान छेड़े हुए है। कुछ हिंदू संगठन भी इस विरोध में शामिल हैं और उन्होंने 'ओपेनहाइमर' को हिंदुत्व पर हमला बताया है।इससे पहले शनिवार को भारत सरकार के सूचना आयुक्त उदय माहुरकर ने ट्विटर पर 'सेव कल्चर सेव इंडिया फाउंडेशन' की ओर से जारी बयान भी शेयर किया था। उन्होंने लिखा, 'हर कोई हैरान है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने इस सीन के साथ फिल्म को रिलीज की मंजूरी कैसे दे दी।'
सेंसर बोर्ड के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
फिल्म के एक सीन में दिखाया गया है कि एक महिला अपने पुरुष साथी के साथ सेक्स कर रही है और वह जोर-जोर से भगवद् गीता पढ़ती है। 'सेव कल्चर सेव इंडिया फाउंडेशन' की ओर से जारी बयान में सेंसर बोर्ड पर सवाल उठाया। इसमें कहा गया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा इसकी त्तकाल जांच की जानी चाहिए और इसमें शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।'











